18 जनवरी को अलवर में नटनी का बारां के पास नाथ समाज के बुजुर्ग की पुलिस वाहन की टक्कर से मौत के मामले में विरोध तेज हो गया है। बांदीकुई के अरनिया गांव में बुधवार को जोगी-योगी समाज के सैकड़ों लोग पहुंचे हैं। सबने बुजुर्ग की मौत के बाद अलवर के अकबरपुर थाना क्षेत्र में लगाए गए जाम के मामले में समाज के 7 लोगों के खिलाफ किए गए मुकदमें का विरोध किया है। अरनिया गांव में समाज के व्यक्ति पुखराज ने कहा कि 18 जनवरी को अलवर के भर्तृहरि में डीएनटी समाज का महासंगम हुआ। जिसमें बांदीकुई के अरनिया गांव निवासी 60 साल के बुजुर्ग लक्ष्मण सिंह की पुलिस की गाड़ी से टक्कर लगने से मौत हो गई थी। अब पुलिस के वाहन से व्यक्ति मरे या पुलिस की गोली से। मृतक ने समाज के लिए शहादत दी है। उसे समाज नहीं भुला सकता। दूसरी तरफ बुजुर्ग की मौत के बाद जाम लगाने वालों के खिलाफ ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। यह अन्याय है। इसे समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। कालूराम का कहना है कि पूरे डीएनटी समाज में रोष है। अरनिया बांदीकुई में हजारों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। आगे सरकार को आइना दिखाएंगे। सात लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किए गए हैं। आगे पूरी 32 जातियां संगठित हैं। मुकदमें वापस नहीं लिए तो आगे बड़ा आंदोलन करेंगे। बुधवार को समाज के काफी लोग अरनिया गांव में एकत्रित हुए हैं और सरकार के खिलाफ विरोध जताया है। सबने कहा कि मुकदमें वापस नहीं लिए गए तो समाज के लोगों का बड़ा विरोध सामने आ सकेगा।


