प्रयागराज माघ मेले के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित दुर्व्यवहार और उन्हें नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने इसे हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं पर सीधा हमला बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने आधी रात को नोटिस भेजकर न केवल एक प्रतिष्ठित धर्मगुरु का अपमान किया, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लंघन किया है। एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। मनेन्द्रगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने कहा कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य को नोटिस भेजकर यह कहना कि सरकार उन्हें शंकराचार्य नहीं मानती, सत्ता के घमंड की पराकाष्ठा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुद्दे पर चुप्पी को पूरा देश देख रहा है और उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेगा। इस प्रेसवार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के साथ ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, राजकुमार केशरवानी, पार्षद अजय जायसवाल और स्वप्निल सिन्हा सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।


