भारतीय रेल समय-समय पर ट्रेन में यात्रा करने वालों को सजगता से जागरूक करते हुए अपील करता है कि सफल के दौरान ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करना कानूनी अपराध है। बावजूद इसके यात्री यह गलती कर रहे हैं, जिससे कि जुर्माने के रूप में उनकी जेब तो ढीली हो रही है। वहीं रेलवे का खजाना भी भरा रहा है। जुर्माने की राशि से भारतीय रेल मालामाल भी हो रही है। पश्चिम मध्य रेलवे ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिर्फ यात्रियों से जुर्माने में वसूल की है। रेलवे ने पिछले 9 महीनों में बिना टिकिट सफर करने वाले यात्रियों से 101 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूल किया है। पश्चिम मध्य रेलवे की जनरल मैनेजर के निर्देश पर जबलपुर, कोटा और भोपाल के तीनों मण्डलों में यात्री गाड़ियों एवं स्टेशनों पर समय-समय पर चलाए गए टिकट जांच अभियानों में चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से दिसंबर 2025 तक कुल 14 लाख 65 हजार मामले पकड़े और अतिरिक्त किराया एवं जुर्माना सहित कुल 101 करोड़ 16 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है। यह वसूली बीते साल की अपेक्षा वसूले गए जुर्माने (कुल 87 करोड़ 36 लाख रुपए) की तुलना में 15.80 प्रतिशत अधिक है। नौ माह में ऐसे हुई कार्रवाई बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना एक दंडनीय अपराध है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट निरीक्षकों (TTE) द्वारा चलाए जाने वाले विशेष अभियानों के दौरान ऐसे यात्रियों के खिलाफ इस तरह से कार्रवाई की जाती है। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने कहा कि- जब कभी भी ट्रेन में सफर करे तो टिकट जरूर लें। रेलवे हमेशा से अभियान चलाते आ रहा है, और यात्रियों को समझाइश भी दी जा रही थी। सीपीआरओ ने सभी यात्रियों से अपील की है कि टिकट लेकर ही ट्रेन में सफर करें।


