मुंगेली जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुन्दन कुमार ने एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल वास्तविक किसानों से ही धान खरीदा जाए और बिचौलियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन सभाकक्ष में हुई इस बैठक में धान खरीदी प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, आर.ए.ई.ओ. और जिला नोडल अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और समिति प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी किसानों से धान खरीदी के दौरान रकबा समर्पण अनिवार्य रूप से कराने और शासन के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जीपीएस युक्त वाहनों का अनिवार्य उपयोग धान परिवहन के लिए केवल सक्रिय जीपीएस युक्त वाहनों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। निष्क्रिय जीपीएस वाले वाहनों में धान भेजने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक किसान की धान खरीदी के समय गेट पास में किसान के साथ धान की फोटो लेना अनिवार्य किया गया है। रकबा समर्पण और टोकन मामलों की जांच कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को रकबा समर्पण की स्थिति और टोकन कटने वाले किसानों की रिपोर्ट जांचने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बिचौलियों के खिलाफ विशेष निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मोटे धान का भौतिक सत्यापन इसके अलावा राजस्व, मिलर और समिति से संबंधित मामलों की संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार करने, आवश्यकतानुसार मोटे धान का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को धान खरीदी को एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना बताते हुए पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से कर्तव्य निर्वहन करने की हिदायत दी।


