दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में अलवर की एडीजे कोर्ट संख्या-2 ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। सरकारी वकील महेश मीणा ने बताया कि मामला 5 दिसंबर 2021 की रात का है। अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गांव बंजिरका निवासी आरोपी शाकिर ने दहेज की मांग पूरी न होने पर अपनी पत्नी बस्सा की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या से पहले आरोपी ने मृतिका के साथ मारपीट भी की थी। हत्या के बाद आरोपी ने शक से बचने के लिए मृतिका के गले से सोने की हंसली निकाल ली और घटना को लूटपाट का रूप देने का प्रयास किया। सुबह होते ही उसने यह कहकर परिवार और गांव वालों को गुमराह किया कि घर में लूट की घटना हुई है। इतना ही नहीं, मृतिका के पीहर पक्ष को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार के लिए मिट्टी देने की तैयारी भी कर ली गई। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति ने मृतिका के पिता कल्लू खां निवासी महुआ खुर्द को फोन कर बेटी की मौत की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पिता मौके पर पहुंचे और शव पर चोटों के निशान देखकर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और बताया कि शादी के समय करीब 10 लाख रुपए खर्च करने के बावजूद आरोपी लगातार 80 हजार रुपए नकद और एक बाइक की मांग कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या आरोपी पति शाकिर ने ही की थी। क्योंकि पुलिस ने आरोपी का मोबाइल ट्रेस किया तो पता लगा की हत्या के वक्त आरोपी की लोकेशन वहीं थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह और 31 दस्तावेज पेश किए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी शाकिर को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आरोपी और मृतिका की शादी घटना से करीब एक साल पहले ही हुई थी।


