स्थायी लोक अदालत ने हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर नंबर 1 और 2 में सड़क निर्माण का आदेश दिया है। अदालत ने नगर परिषद को यह कार्य आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। यदि कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं होता है, तो नगर परिषद पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह मामला हाउसिंग बोर्ड विकास सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल एडवोकेट द्वारा वर्ष 2024 में स्थायी लोक अदालत में दायर किया गया था। याचिका में सेक्टर नंबर 1 और 2 की सड़कों की खराब स्थिति को मुख्य समस्या के रूप में उठाया गया था। स्थायी लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी सुरेश प्रकाश भट्ट ने स्वयं अपने निवास स्थान सेक्टर नंबर 2, हाउसिंग बोर्ड, धौलपुर से अदालत तक आते-जाते समय सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि सड़कें अत्यंत खराब हालत में हैं, कई स्थानों पर पत्थर निकले हुए हैं और सड़क का अस्तित्व ही नहीं है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नगर परिषद केवल पीठासीन अधिकारी के मार्ग पर ही सीसी सड़क का निर्माण करना चाहती थी, अन्य सड़कों पर नहीं, जो नगर परिषद की लापरवाही को दर्शाता है। सड़कों की दुर्दशा को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि नगर परिषद द्वारा उनकी मरम्मत नहीं की गई थी। इस संबंध में, 13 जनवरी 2026 को स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेश प्रकाश भट्ट और सदस्य वीरेंद्र उपाध्याय व रामदत्त श्रोती द्वारा आदेश जारी किया गया। आदेश में नगर परिषद आयुक्त और सभापति को संयुक्त या पृथक रूप से 13 जनवरी 2026 से एक माह के भीतर हाउसिंग बोर्ड सेक्टर नंबर 1 और 2 की सभी सड़कों का निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। एक माह में निर्माण कार्य नहीं कराने की स्थिति में 2 लाख रुपए का जुर्माना हाउसिंग बोर्ड विकास सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल को दिया जाएगा, ताकि वे इन रुपयों को हाउसिंग बोर्ड के विकास कार्यों में खर्च कर सकें। इसके अतिरिक्त अशोक अग्रवाल एडवोकेट को मानसिक संताप और परिवाद व्यय के रूप में 20,000 रुपए दिए जाने का भी आदेश दिया गया है।


