झुंझुनूं में गांवों के विकास के लिए विकसित ग्राम-पंचायत योजना:2 चरणों में लगाए जाएंगे राहत कैंप, 23 जनवरी से होगी शुरुआत

कृषि विभाग और जिला प्रशासन के समन्वय से अब ग्रामीणों और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और भी आसान होगा। जिले के प्रत्येक गिरदावर सर्किल (ILR) पर ‘ग्राम उत्थान शिविरों’ का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के बारे में लोगों को जागरूक करना है। शिविरों का दो चरणों में होगा आयोजन ये शिविर प्रत्येक गिरदावर वृत पर लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को अपने काम के लिए दूर न जाना पड़े। शिविरों के दौरान नए नियमों और सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके तहत बताया जाएगा कि अब रोजगार गारंटी के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। वहीं, मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो उसके लिए मुआवजे का भी प्रावधान है। विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) का निर्माण
गांवों के विकास को नई दिशा देने के लिए ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ तैयार की जाएगी। इसमें ग्राम सभाओं के माध्यम से तकनीक का प्रयोग करते हुए ऐसे कार्यों का चयन किया जाएगा, जो गांव के लिए लंबे समय तक उपयोगी और टिकाऊ हों। साथ ही, पेयजल (पीने के पानी) की सभी योजनाओं को भी इस योजना के साथ जोड़कर देखा जाएगा। इन शिविरों में न केवल आम जनता, बल्कि ग्राम स्तर पर काम करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, मेट और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को नए अधिनियम की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक माध्यमों का उपयोग मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चन्द्र यादव ने बताया कि योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए पोस्टर, बैनर और पंपलेट का सहारा लिया जाएगा। इसके साथ ही प्रगति की रिपोर्ट को गूगल स्क्रोल और ‘VB-जी राम जी ऐप’ पर भी अपलोड किया जाएगा। आगामी 26 जनवरी को होने वाली ग्राम सभाओं में भी इसकी विशेष चर्चा होगी। निगरानी के लिए नियुक्त किए नोडल अधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने और निगरानी रखने के लिए जिला स्तर पर अधिशासी अभियन्ता विजेंद्र सिंह ढाका को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ब्लॉक स्तर पर सभी पंचायत समितियों के सहायक अभियंताओं (EGS) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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