अलवर की एससी-एसटी विशेष न्यायालय ने घर में घुसकर हत्या के प्रयास के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। सरकारी वकील योगेन्द्र खटाणा ने बताया कि यह मामला 23 अगस्त 2023 का है। पीड़ित के बेटे रविंद्र ने थाना शिवाजी पार्क में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रविंद्र अपने पिता पप्पू राम के साथ शिवाजी पार्क स्थित एक मोबाइल शॉप पर मोबाइल खरीदने गया था। जब दोनों वापस घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी सुनील और उसका एक नाबालिग साथी उनके घर में घुसकर उसकी मां और बहन के साथ मारपीट कर रहे थे। जैसे ही रविंद्र और पप्पू राम ने विरोध किया, आरोपियों ने पप्पू राम के सिर पर लोहे के सरिये और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। हालत नाजुक होने पर उन्हें पहले अलवर अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया। वहां पीड़ित का उपचार चला। पुलिस ने मामले में आरोपी सुनील उर्फ सोनू और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी सुनील उर्फ सोनू को 10 साल की सजा से दंडित किया।


