धौलपुर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने आरएसी परेड ग्राउंड पर फर्स्ट एड शिविर का आयोजन किया। इसमें जिला मुख्यालय के दो दर्जन से अधिक स्कूलों के 1800 स्टूडेंट्स को फर्स्ट एड विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा ने सड़क दुर्घटना में घायलों को मदद करने के तरीके सिखाए। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने यह जानकारी दी। डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि फर्स्ट एड तभी देना चाहिए जब व्यक्ति उसमें पूरी तरह निपुण हो। उन्होंने जोर दिया कि उनका उद्देश्य जिले के सभी बच्चों को फर्स्ट एड में पारंगत करना है, ताकि वे दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सही विधि से मदद कर सकें। उन्होंने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी, जिसमें 30 बार सीने पर 100-120 प्रति मिनट की गति से दबाव डालने का तरीका बताया। डॉ. वर्मा ने सीपीआर के सात चरणों को विस्तार से समझाया और बताया कि इसके माध्यम से किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रत्येक घर में कम से कम एक व्यक्ति को सीपीआर विधि की पूरी जानकारी होनी चाहिए। समारोह के दौरान परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने विद्यार्थियों को ‘गुड सेमरिटर्न’ और ‘राहवीर योजना’ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अच्छे मददगार बनकर मानव धर्म निभाएं और इन योजनाओं के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भागीदार बनें। इस अवसर पर डिप्टी फिजिकल एलिमेंट्री चोब सिंह, हरिमोहन शर्मा, विजय उदैनीय, परमजीत सिंह, पूजा नरसल, शांति, अनु वशिष्ठ, संजीव श्रीवास्तव, मोहम्मद जाकिर हुसैन, विमल शर्मा, सौरभ गुर्जर, गौरव वर्मा और मनोज कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।


