डीग कलेक्टर उत्सव कौशल ने बुधवार को उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यालय, सीकरी का विस्तृत वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने ऑफिस की पत्रावलियों, राजस्व रिकॉर्ड और लंबित मामलों का गहनता से अवलोकन किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशासन में लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि न्यायालय में 5 वर्ष से अधिक पुराने 109 प्रकरण और 10 वर्ष से अधिक पुराने 38 प्रकरण विचाराधीन हैं। इस पर जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नजदीकी तारीख पेशी देकर प्राथमिकता से निपटारा किया जाए। उन्होंने पीठासीन अधिकारी को सख्त हिदायत दी कि वे पुराने वादों में स्वयं ऑर्डरशीट लिखें और प्रकरणों का गुणावगुण के आधार पर फैसला करें। क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दृष्टि से जिला कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शांति भंग और जमीनी विवाद से जुड़े इन मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए ताकि क्षेत्र में सौहार्द बना रहे। जिला कलेक्टर ने पाया कि उपखंड अधिकारी द्वारा पटवारियों और भू-अभिलेख निरीक्षकों का निरीक्षण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने भविष्य में निर्धारित नॉर्म्स के अनुसार नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यालय में 11 में से 8 पद रिक्त होने की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने जिला कार्यालय को तत्काल प्रस्ताव भिजवाने को कहा, ताकि स्टाफ की कमी दूर हो सके। बकाया बैंक ऋण वसूली के 323 मामलों (राशि ₹13.38 करोड़) में प्रगति लाने और नियमित पत्रावली संधारण के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, आंतरिक लेखा जांच दल के लंबित 33 पैराओं की अनुपालना रिपोर्ट शीघ्र भिजवाने हेतु पाबंद किया गया। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी सीकरी और कार्यालय के कार्मिक मौजूद रहे, जिन्हें जिला कलेक्टर ने कार्यालय में साफ-सफाई और रिकॉर्ड संधारण का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।


