करौली में नागरिक सुरक्षा इकाई ने डाइट परिसर में आग लगने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित और त्वरित बचाव के लिए तैयार करना था। यह अभ्यास बहुमंजिला इमारत में आग लगने की स्थिति पर आधारित था, जिसमें आग से सुरक्षा, खोज और बचाव के व्यावहारिक तरीकों का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल का नेतृत्व नागरिक सुरक्षा इकाई करौली के प्रभारी प्रदीप कुमार ने किया। अभ्यास के दौरान, प्रतिभागियों को आग लगने की स्थिति में घबराए बिना सुरक्षित निकासी, प्राथमिक सहायता, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के तरीके सिखाए गए। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आपदा या आपात स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाना था। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार नागरिक सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निरंतरता पर भी बल दिया गया। इस अभ्यास में मास्टर प्रशिक्षक रामअवतार गुर्जर और जयदेव माली के साथ नए नामांकित स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। स्वयंसेवकों ने आग बुझाने, धुएं से सुरक्षित निकलने, खोज एवं बचाव अभियानों और समन्वित टीमवर्क का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी मॉक ड्रिल से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करने में भी मदद मिलती है। नागरिक सुरक्षा इकाई ने भविष्य में भी जिले के विभिन्न स्थानों पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने की बात कही है।


