प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने पर सूरजपुर कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की अध्यक्ष शशि सिंह ने इस घटना को भाजपा सरकार का “हिंदू विरोधी चरित्र” बताया। शशि सिंह ने कहा कि शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है और उन्हें पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार हिंदू संतों का अपमान कर रही है। कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सरकार की ओर से अब तक शंकराचार्य से बातचीत का कोई प्रयास नहीं किया गया है। शंकराचार्य को स्नान से रोकना सनातन परंपरा का अपमान उन्होंने कहा, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं। यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है। उन्होंने मौनी अमावस्या के शाही स्नान को एक अखंड परंपरा बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य को स्नान से रोककर सनातन परंपरा का अपमान किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 12 साल से केंद्र में है और हिंदुओं के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन अब वही सरकार शंकराचार्य और उनके समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी परंपरा को रोकने की हिम्मत किसी सरकार को कैसे हुई, जबकि न मुगलों और न ही अंग्रेजों ने कभी इस परंपरा को रोका था। शंकराचार्य की सुरक्षा पर उठाए सवाल कांग्रेस ने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य के समर्थकों के साथ मारपीट होती है और शंकराचार्य को उनकी पालकी तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने सवाल किया कि क्या मोहन भागवत शंकराचार्य से बड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का कसूर सिर्फ इतना है कि वे सरकार की कमियों पर सवाल उठाते हैं, उसकी आलोचना करते हैं, अयोध्या में अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताते हैं और महाकुंभ की अव्यवस्थाओं व कोविड काल में गंगा में तैरती लाशों जैसे मुद्दे उठाते हैं। इसी वजह से भाजपा सरकार उनका अपमान कर रही है।


