दमोह में ग्रामीणों ने मुस्लिम बेटी का विवाह कराया:नजमा को अपनी ही बेटी की तरह विदा किया, गांव में सिर्फ एक ही मुस्लिम परिवार रहता

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ग्राम निबौरा से सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां यादव बाहुल्य गांव में ग्रामीणों ने मिलकर अपने गांव की एकमात्र मुस्लिम बेटी, नजमा खान का निकाह पूरे उत्साह और रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया। नजमा के पिता गुड्डू खान मजदूरी के लिए अक्सर बाहर रहते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। गांव में यह एकमात्र मुस्लिम परिवार है, लेकिन वर्षों से यहां के लोग बिना किसी भेदभाव के आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। जब नजमा की शादी तेजगढ़ के शाहिद खान से तय हुई, तो ग्रामीणों ने तय किया कि वे मिलकर इस बेटी को विदा करेंगे। यादव परिवार के घर से हुई शादी की रस्में शादी की सभी तैयारियां ग्रामीण रामराज यादव के घर से की गईं। बुधवार को जब तेजगढ़ से बारात निबौरा पहुंची, तो सरपंच प्रतिनिधि राजेश यादव, मधु यादव और अन्य ग्रामीणों ने बारातियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरी शादी के दौरान गांव के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। भाईचारे का मजबूत संदेश विदाई के समय रामराज यादव और अन्य ग्रामीणों ने नजमा को अपनी ही बेटी की तरह विदा किया। इस मौके पर मौजूद तेजगढ़ के पूर्व सरपंच फरमान खान ने कहा कि निबौरा के ग्रामीणों ने इंसानियत की जो मिसाल पेश की है, वह समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। सरपंच प्रतिनिधि राजेश यादव ने भी कहा कि प्रेम और सद्भाव ही असली धर्म है। यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोगों ने साबित कर दिया कि रिश्तों की डोर धर्म की दीवारों से कहीं ज्यादा मजबूत होती है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *