एमपी में टाइगर, हाथी, तेंदुए पर संकट ने बढ़ाई टेंशन:एजेंसियों के साथ शेयर करेंगे वन अपराधों के डेटा, टाइगर सेल में शामिल होगा राजस्व विभाग

प्रदेश में टाइगर, हाथी और तेंदुए समेत अन्य वन्य जीवों की बढ़ती मौतों ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है और अब इसके चलते विशेष पुलिस महानिदेशक की क्राइम समीक्षा में वन अपराधों को भी शामिल करने का फैसला किया गया है। वन विभाग द्वारा इसके लिए सभी संबंधित विभागों को वन अपराध एवं अपराधियों का डेटा साझा किए जाएंगे। इसके साथ ही टाइगर सेल में अब राजस्व विभाग को भी शामिल किया जाएगा। विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर सेल की 8वीं बैठक बुधवार को वन भवन भोपाल में हुई। बैठक में बाघ, तेंदुआ, हाथी और अन्य वन्य-जीवों के उत्पन्न संकट पर चर्चा की गई। प्रदेश में पिछले सालों में बाघ और तेंदुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी एवं विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं में शिकार, सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना एवं बिजली करंट से मृत्यु की जानकारी दी गई। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के लिये सभी ने सहमति दी। बैठक में कहा गया कि वन अपराधों की बढ़ती संख्या एवं अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों के आंकड़े, जो चिंता का विषय हैं, इस पर भी सभी विभागों द्वारा आपसी सहयोग कर प्रभावी रोकथाम पर सहमति बनी। एक साल में 55 टाइगर की एमपी में मौत वन अपराध कम करने सख्त कार्रवाई करेंगे
बुधवार को हुई बैठक में सभी विभागों ने प्रदेश स्तर पर समन्वय के साथ जिला स्तर पर भी आपसी सहयोग से वन्य-जीव संरक्षण व वन्य अपराध को कम करने और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर सेल के अध्यक्ष व विशेष पुलिस महानिदेशक पुलिस की क्राइम समीक्षा बैठक में वन अपराध प्रकरणों को शामिल करने पर भी सहमति बनी। खुफिया तंत्र सुदृढ़ीकरण एवं वाइल्ड लाइफ क्राइम हॉर्ट-स्पॉट की जानकारी वन विभाग से पुलिस को प्रदाय करने के लिये सुझाव दिये गये। वन अपराध रोकने और कार्रवाई पर फोकस
बैठक में वन अपराध में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध आवश्यकता होने पर आर्म्स एक्ट व आईटी एक्ट, बीएएनएस के अंतर्गत कार्यवाही एवं वन विभाग के फरार वारंटी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई में सहयोग करने की सहमति बनी।
वन्य-जीव से जुड़े मामलों पर डिजिटल निगरानी, कार्रवाई एवं टाइगर रिजर्व में पर्यटन के लिये ऑनलाइन बुकिंग संबंधी फ्रॉड की रोकथाम की कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। बैठक में रेलवे सुरक्षा बल व जीआरपी के साथ वन विभाग के स्वान दस्ता की संयुक्त गश्ती पर सहमति बनी। इसके अलावा न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा एवं त्वरित निराकरण के लिये संचालक अभियोजन संचालनालय द्वारा सुझाव दिए गए। टाइगर सेल को बनाएंगे प्रभावी
वन अमले की क्षमता उन्नयन के लिए अन्य विभागों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण के लिए सहमति बनी। राज्य, संभागीय एवं जिला स्तरीय स्टेट टाइगर सेल को प्रभावी बनाने एवं पुनर्गठन के लिए राजस्व विभाग को भी शामिल किए जाने पर चर्चा की गई और हर वर्ष स्टेट टाइगर सेल की बैठक आयोजित किए जाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में विभिन्न कानून प्रवर्तन संस्थाओं जैसे वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, संचालनालय लोक अभियोजन, रेलवे सुरक्षा बल, शासकीय रेल पुलिस, सायबर पुलिस, डीआरआई, सीबीआई, कस्टम, इंटेलिजेंस ब्यूरो, वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एवं हेल्थ, एनएफएसयू, एनटीसीए, स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भोपाल एवं सागर, परिवर्तन निदेशालय मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी, समस्त टाइगर रिजर्व और मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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