पेट में फोरसेफ किसने छोड़ी, 7 दिन बाद भी पता नहीं कर पाया जेएएच प्रबंधन

केआरएच में 22 फरवरी 2023 को कैंसर मरीज का ऑपरेशन करने के दौरान मॉसकीटो आर्टरी फोरसेप (कैंची) के मामले में जांच कमेटी द्वारा सप्ताह भर पहले अपनी रिपोर्ट बंद लिफाफे में अधीक्षक कार्यालय में दे दी थी। जांच रिपोर्ट मिले 7 दिन बाद भी जेएएच प्रबंधन अब तक यह पता नहीं कर पाया है कि दोषी कौन है। न ही किसी पर कोई कार्रवाई की है। जेएएच अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना पहले ही कह चुके हैं कि उन्होंने बंद लिफाफे में आई जांच रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए डीन कार्यालय भेज दिया है। वहीं डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ का कहना है कि उनके पास अभी तक रिपोर्ट ही नहीं आई है। यह है मामला: भिंड के मेहगांव के सौंधा गांव निवासी कमला देवी को रविवार को पेट में कैंची होने की शिकायत पर केआरएच में भर्ती कराया गया था। कमला देवी का ऑपरेशन कर उसके पेट में कैंची नहीं खून रोकने में प्रयोग की जाने वाली चिमटी जिसे मॉसकीटो आर्टरी फोरसेप छूट गई थी,उसे बाहर निकाल लिया गया था। अब तक सिर्फ कमेटी बनी, जांच हुई: इस मामले में अस्पताल अधीक्षक ने 3 दिसंबर को गायनिक की विभागाध्यक्ष डॉ. यशोधरा गौर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। कमेटी ने 9 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट अधीक्षक कार्यालय में रिपोर्ट दे दी थी। जांच खत्म हुए सप्ताहभर बीत गया है लेकिन किसी पर प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। महिला के पति कमलेश जाटव का कहना है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट से उन्हें अवगत ही नहीं कराया गया है। इन मामलों में भी कमेटी बनी, कार्रवाई किसी पर नहीं हुई जेएएच में जब भी कोई मामला होता है तो जांच कमेटी तो बन जाती है लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं होती है। इससे पहले ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगी थी जिसके चलते मरीजों को आनन-फानन में शिफ्ट किया गया था। इस मामले में भी जांच कमेटी बनाई गई थी लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ दिन के लिए नोडल अधिकारी को बदल दिया गया था। इसी तरह न्यू जेएएच के मेडिसिन आईसीयू में जूनियर डॉक्टरों द्वारा एक अटेंडेंट को बेरहमी से पीटा गया था। तब भी जांच कमेटी बनाई गई थी,लेकिन कार्रवाई किसी पर भी नहीं की गई।

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