चाकघाट के हनुमान मंदिर प्रांगण में बुधवार को खाद टोकन वितरण के दौरान भारी हंगामा हो गया। टोकन लेने के लिए किसानों में ऐसी होड़ मची कि नौबत मारपीट तक आ गई। भीड़ में फंसी महिलाओं को भी धक्के खाने पड़े। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमला और पुलिस व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हुई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। खाद की किल्लत और टोकन न मिलने के डर से बड़ी संख्या में किसान बुधवार सुबह से ही मंदिर परिसर में जमा थे। जैसे ही वितरण शुरू हुआ, भीड़ बेकाबू हो गई। जल्दबाजी के चक्कर में लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे और देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे। हालात यह थे कि वहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मूकदर्शक बने रहे। न पुलिस बल था, न कतार की व्यवस्था वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। न तो मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था और न ही टोकन बांटने के लिए कोई कतार लगवाई गई थी। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी अलग से कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थिति बिगड़ गई। किसानों का आरोप- इंतजाम नहीं थे, इसलिए बिगड़े हालात स्थानीय लोगों और किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने भीड़ का सही आकलन नहीं किया। यदि टोकन वितरण चरणबद्ध तरीके से होता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते, तो यह स्थिति नहीं बनती। खाद वितरण में लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दब जाएगा।


