भास्कर न्यूज | दुर्गूकोंदल ग्राम पंचायत कोड़ेकुर्सी में ग्राम कोटवार की कथित लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा धरना प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। यह आंदोलन पिछले 16 जनवरी से उप तहसील कार्यालय कोड़ेकुर्सी के सामने जारी था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम कोटवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार एवं कर्तव्य में लापरवाही से जुड़े तथ्य स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा उचित निर्णय लिया जाता तो आंदोलन की स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। कोड़ेकुर्सी की सरपंच साधना सहारे ने तहसीलदार दुर्गूकोंदल को ज्ञापन सौंपकर ग्राम कोटवार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके जब कोई निर्णय सामने नहीं आया और न ही जांच की स्थिति सार्वजनिक की गई, तब ग्रामीणों ने उप तहसील कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी भानुप्रतापपुर शेर बहादुर सिंह ठाकुर एवं तहसीलदार दुर्गूकोंदल कुलदीप ठाकुर स्वयं ग्राम कोड़ेकुर्सी पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत ग्रामीणों से प्रत्यक्ष चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र ग्राम कोटवार के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन और एसडीओपी शेर बहादुर सिंह की सकारात्मक पहल के बाद ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें प्रशासन से न्यायोचित कार्रवाई की उम्मीद है और वे जांच प्रक्रिया पर नजर बनाए रखेंगे।


