नगर निगम में 5 फाइलें गायब होने का मामला:दूसरे दिन भी मूल रिकॉर्ड पेश नहीं, नोटिस के बावजूद फाइलें गायब

नगर निगम की राजस्व शाखा से गायब 5 मूल फाइलों का बुधवार को दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका। आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजस्व अधिकारी एक भी मूल फाइल पेश नहीं कर पाए। इसके बजाय 5 में से 3 मामलों में पुरानी, अधूरी और केवल प्रतिलिपियां आयुक्त के समक्ष रख दी गईं। केवल सुखाड़िया रंगमंच की फाइल सामने आई, जो पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध है। सरस बूथ से जुड़ी फाइल में भी केवल पुराना और अधूरा रिकॉर्ड पेश किया गया, जबकि मूल फाइल में बूथों के आवंटन, निरस्तीकरण और बहाली से जुड़े अहम दस्तावेज शामिल हैं। इसी तरह यात्री कर से संबंधित मामले में भी सिर्फ कागजी प्रतियां दिखाई गईं। सबसे गंभीर यह है कि पासपोर्ट कार्यालय और दीपावली मेले के झूलों से जुड़ी मूल फाइलें दूसरे दिन भी पूरी तरह लापता रहीं। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बुधवार सुबह राजस्व अधिकारी नितेश भटनागर को नोटिस जारी कर शाम तक मूल फाइलें पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद एक भी असल फाइल पेश नहीं की जा सकी। निगम में हड़कंप और सवाल बरकरार- फाइलें आखिर गईं कहां? दैनिक भास्कर में ‘फाइल गायब-सवाल गुम, फायदा किसे?’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद निगम में हड़कंप मच गया। सभी विभागों में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक यही चर्चा रही कि फाइलें आखिर गायब कहां हुईं। राजस्व शाखा में दिनभर फाइलें तलाशने की कवायद चलती रही। हड़बड़ाए राजस्व अधिकारी ने बाबुओं को फटकार लगाई और नोटिस भी जारी किए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फाइलें किसकी जिम्मेदारी में थीं और कहां से गायब हुईं। चर्चा यह भी है कि फाइलें राजस्व अधिकारी के चैंबर से ही गायब हुई हैं। बता दें, राजस्व शाखा से 4 माह में पांच अहम फाइलें गायब हुई हैं। इनमें पासपोर्ट कार्यालय, सुखाड़िया रंगमंच, सरस बूथ, यात्री कर और दीपावली मेले के झूलों से जुड़े आय-व्यय, अनुबंध, टेंडर, गजट नोटिफिकेशन और पत्राचार के रिकॉर्ड हैं। इनमें से कुछ फाइलों पर खुद आयुक्त ने लापरवाही के नोट लिखे थे। मामला तब सामने आया, जब जरूरत पर एक फाइल नहीं मिली। पासपोर्ट कार्यालय की फाइल सबसे अहम, 86 लाख का किराया बकाया पासपोर्ट कार्यालय की फाइल को लेकर स्थिति गंभीर है। इस फाइल में 11 साल के दस्तावेज हैं, जिनमें विदेश मंत्रालय से हुई लीज डीड, किराये का पूरा विवरण-टीसीएस के साथ हुआ पत्राचार दर्ज है। नगर निगम की ओर से जुलाई 2022 से अब तक 86 लाख रुपए का किराया बकाया है। उल्लेखनीय है कि इसी फाइल को आगे बढ़ाने में राजस्व अधिकारी द्वारा चार माह की देरी की गई थी। नोटिस दिया है, लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे
“राजस्व अधिकारी को मूल फाइलें पेश करने का नोटिस दिया है। यदि फाइलें प्रस्तुत नहीं होती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
-अभिषेक खन्ना, आयुक्त, नगर निगम

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