राजधानी में संपत्ति कर वसूली के लिए कई तरह की सख्ती के बावजूद अब तक तय लक्ष्य से आधी वसूली ही हो पाई है। 2025-26 में निगम ने संपत्ति कर से 475 करोड़ की वसूली करने का दावा किया है, लेकिन अभी तक सिर्फ 140 करोड़ ही वसूल कर पाए हैं। 31 मार्च खत्म होने में अभी करीब ढाई माह का ही समय बाकी है। ऐसे में निगम 335 करोड़ की वसूली कैसे करेंगे इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्तमान स्थिति को देखें तो निगम को रोजाना करीब 4 करोड़ संपत्ति कर वसूल करना होगा। इतनी वसूली के लिए निगम के पास बड़ा स्टाफ भी नहीं है। ऐसे में अफसर भी मान रहे हैं कि इस साल का टारगेट पूरा होना मुश्किल है। निगम के आला अफसरों का कहना है कि एसआईआर के काम की वजह से संपत्ति कर की वसूली प्रभावित हुई है। निगम के पूरे अमले को इस काम में लगा दिया गया था। ऐसे में टैक्स वसूली का काम प्रभावित हो गया। हालांकि अफसर ये भी तर्क दे रहे हैं कि सबसे ज्यादा संपत्ति कर वित्तीय साल के आखिरी महीने यानी 1 से 31 मार्च तक ही आता है। जितने घरों से वसूली करनी है उन्हें 70 फीसदी लोग मार्च में ही संपत्ति कर का भुगतान करते हैं। निगम वाले 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक संपत्ति कर जमा करने पर छूट देते हैं। अब यह छूट पूरी तरह से खत्म हो गई है। खाली प्लॉट की पहचान नहीं कर पा रहे, डिमांड नोट बेहद कम जारी निगम वाले खाली प्लॉट वालों की पूरी पहचान नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार निगम के पास सूचना है कि शहर में करीब 38 हजार लोगों से खाली प्लॉट का टैक्स लेना है। लेकिन इनकी प्रॉपर पहचान नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि निगम वाले 10 से 15 हजार लोगों को ही टैक्स के लिए डिमांड नोट भेज पाए हैं। बाकी लोगों तक डिमांड नोट भी नहीं पहुंच पा रहा है। इस वजह से ऐसे लोगों से इस साल भी संपत्ति कर की वसूली नहीं हो पाएगी। जिन लोगों को मकान बनाने नक्शा पास कराना होता है वे ही निगम के पास संपत्ति कर जमा करने के लिए आते हैं। बाकी लोग बिना डिमांड नोट के टैक्स देने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। ऑनलाइन टैक्स नहीं जमा कर रहे लोग
संपत्ति कर अदा करने के लिए लोग ऑनलाइन सिस्टम में भरोसा नहीं कर रहे हैं। 20 फीसदी लोग भी संपत्ति कर का भुगतान ऑनलाइन नहीं कर रहे हैं। लोग निगम जाकर ऑफलाइन ही संपत्ति कर का भुगतान कर रसीद ले रहे हैं। ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स के लिए घरों के बाहर डिजिटल नंबर प्लेट तक लगाए गए हैं। इतना ही नहीं संपत्ति कर का भुगतान लोग च्वाइस सेंटरों में भी जाकर कर सकते हैं। घर बैठे मोबाइल एप से भी संपत्ति कर अदा किया जा सकता है। लेकिन लोग इस सिस्टम को स्वीकार ही नहीं कर रहे हैं। टारगेट पूरा करेंगे
संपत्ति कर की वसूली तेजी से की जा रही है। तय समय तक हर हाल में टारगेट पूरा कर लिया जाएगा। सबसे ज्यादा संपत्ति कर मार्च में ही जमा होता है। जागृति साहू, अपर आयुक्त निगम


