भास्कर न्यूज | जशपुरनगर धान उपार्जन केंद्र कोनपारा (तुमला) में खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान हुई करोड़ों रुपये की अनियमितता के मामले में पुलिस ने फरार समिति प्रबंधक तपकरा निवासी जयप्रकाश साहू (40) को जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में धान खरीदी में 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए की धांधली सामने आई है। पत्थलगांव एसडीओपी श्रुवेश कुमार जायसवाल ने बताया कि एफआईआर दर्ज होते ही वह मध्यप्रदेश के दमोह में लंबे समय तक छिपा रहा। जशपुर पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते वह वहां से भागकर कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र के विकास नगर में छिपकर रहने लगा, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी पहचान छिपाने के लिए हर बार दूसरे व्यक्ति के नाम से मोबाइल सिम का उपयोग करता था। बता दें कि 2 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के नोडल अधिकारी रामकुमार यादव द्वारा थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, कोनपारा के धान खरीदी उपकेंद्र में वर्ष 2024-25 के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। जांच में सामने आया कि उपकेंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी, जबकि मिलों एवं संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस प्रकार 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई। संयुक्त जांच दल द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में भी मौके पर धान उपलब्ध नहीं पाया गया। प्रति क्विंटल 3100 रुपये के हिसाब से धान व बारदाने की कुल क्षति 6.55 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस मामले में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को पूर्व में 6 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बाकी चार आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।


