पटना में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे कुख्यात परमानंद यादव और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई है। एनकाउंटर में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है। परमानंद यादव लॉरेंस गैंग का बिहार प्रभारी है, वो बिहार-झारखंड मे गैंग से जुड़े काम देखता है। पटना सहित बिहार और झारखंड में 36 से अधिक संगीन केस दर्ज हैं। मुठभेड़ मसौढ़ी थाना इलाके में हुई है। जानिए, कैसे पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को घेरा और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया…. पहले एनकाउंटर के बाद की 3 तस्वीरें देखिए अब पढ़िए एनकाउंटर की पूरी कहानी पुलिस को सूचना मिली थी, बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी परमानंद यादव पटना में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा है। इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस परमानंद यादव का लोकेशन पता करने में जुट गई। पुलिस को पता चला कि बुधवार की रात परमानंद मसौढ़ी थाना क्षेत्र के एनएच 22 से गुजरने वाला है। खबर कन्फर्म करने के बाद पुलिस ने NH-22 पर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद दूर से एक पल्सर बाइक की तेज रोशनी दिखाई दी। बाइक की रफ्तार सामान्य थी, जैसे ही बाइक लाला बीघा गांव के पास पहुंची, पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी और रुकने का इशारा किया। लेकिन खुद को घिरा देख परमानंद यादव ने बाइक रोकते ही कमर से पिस्टल निकाली और पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। पुलिसकर्मी सड़क किनारे मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग करने लगे। इसी दौरान एक गोली परमानंद यादव के पैर में लगी और वह सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे दबोच लिया और हथियार छीन लिए। मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन भी चलाया। झारखंड का रहने वाला है लॉरेंस गैंग का गुर्गा परमानंद यादव मूल रूप से झारखंड के लातेहार जिले के चटेर, चंदवा गांव का रहने वाला है। वो बिहार में अपना नेटवर्क खड़ा करना चाहता था। पुलिस की माने तो परमानंद यादव पर बिहार और झारखंड में 36 से ज्यादा केस दर्ज हैं। पुलिस परमानंद को काफी वक्त से तलाश रही थी। ये जानिए कौन है लॉरेंस बिश्नोई जनवरी में बिहार पुलिस का चौथा एनकाउंटर इससे पहले 15 जनवरी की रात पटना के मनेर में पुलिस ने कुख्यात नीतीश यादव का हाफ एनकाउंटर किया। नीतीश पर एक स्वर्ण कारोबारी को लूटपाट के दौरान गोली मारने का आरोप है। वहीं 11 जनवरी को पटना के बाढ़ में भी पुलिस और अपराधी में मुठभेड़ हुई। जहां पुलिस ने हत्या के आरोपी प्रह्ललाद कुमार के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया। इससे पहले 2 जनवरी को हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय जख्मी हुआ था। पुलिस के अनुसार, पटना एसटीएफ और खगौल पुलिस की कुख्यात अपराधी मैनेजर राय से हुई मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 6 राउंड गोलियां चलाई गईं। मुठभेड़ में अपराधी मैनेजर राय के पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके से दो कारतूस और एक कट्टा बरामद किए। मामला खगौल थाना क्षेत्र के खगौल लख के पास का है। मैनेजर राय पर हत्या, रंगदारी समेत 20 केस है। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। 31 दिसंबर को 50 हजार का इनामी नक्सली पुलिस मुठभेड़ में हुआ ढेर इससे पहले 31 दिसबंर की शाम बेगूसराय में STF और नक्सली के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी नक्सली मारा गया। यह मुठभेड़ तेघड़ा थाना क्षेत्र के नोनपुर गांव के पास हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, STF को इनपुट मिला था कि एरिया कमांडर दयानंद मालाकार उर्फ छोटू उर्फ दमन उर्फ कुलवीर उर्फ आकाश उर्फ सनेश उर्फ योगेन्द्र अपने गांव नोनपुर में मौजूद है। इसके बाद स्थानीय पुलिस और STF छापेमारी करने पहुंची। पुलिस पहुंची तो नक्सली की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। इसके जवाब में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। बताया जा रहा है कि दोनों ओर से 20 राउंड से अधिक गोलियां चलीं।


