प्रदेश सरकार ने उद्याेग, पर्यटन और राेजगार काे बढ़ाने के लिए 9 पाॅलिसियां जारी की हैं। इस पाॅलिसी में पर्यटन सेक्टर में नई छूट मिलने से नए राेजगार के अवसर तैयार हाेंगे। पर्यटन में 100 कराेड़ रुपए के निवेश पर प्राेजेक्ट के लिए सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके साथ ही रीकाे सहित अन्य औद्याेगिक क्षेत्राें में 5 प्रतिशत जगह पर्यटन इकाइयाें काे आवंटित हाेगी। इससे पर्यटन इंडस्ट्री काे हाेटल-रिसॉर्ट बनाने के लिए जगह आसानी से उपलब्ध हाे सकेगी। अभी तक पर्यटन इकाई के लिए यूडीए से जमीन मिलती थी या निवेशक काे अपने स्तर पर जमीन खरीदनी पड़ती थी। जिले में अभी रीकाे एरिया में एक रिसॉर्ट बना हुआ है। इसके साथ ही चार दीवारी (ओल्ड सिटी) में स्थित पर्यटन इकाइयों को न्यूनतम सड़क चौड़ाई की आवश्यकता के बिना संचालन की अनुमति मिलेगी। कई प्राेजेक्ट में सड़क बहुत छाेटी होने से अनुमति मिलने में समस्या आती थी। अब ओल्ड सिटी की पुरानी हवेलियाें का संरक्षण तो हाेगा ही, बड़ी संख्या में इन्हें हाेटल्स में कन्वर्ट किया जाएगा। यहां भी रियायत…लग्जरी पर्यटक वाहनाें काे टैक्स में 100 प्रतिशत छूट सरकार की नई पाॅलिसी के अनुसार 22 सीटर या इससे अधिक क्षमता के वातानुकूलित पर्यटक लग्जरी कोच को मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। अभी प्रदेश में इस श्रेणी के वाहनाें का प्रति माह टैक्स 36 से 40 हजार बनता है। यानी की वाहन मालिकाें काे अब सालाना 4.32 लाख रुपए से लेकर 4.80 लाख रुपए की छूट मिलेगी। अवैध रूप से शराब परोसने से हो रहा था नुकसान
आबकारी नीति के अनुरूप हेरिटेज होटल-रेस्टोरेंट को रियायती दर एवं सामान्य रेस्टोरेंट को कंपोजिट बार लाइसेंस मिलेगा। इन रेस्टाेरेंट में बीयर के साथ शराब (व्हिस्की-रम सहित अन्य हार्ड ड्रिंक्स) भी पराेस सकेंगे। अभी तक कई जगह अवैध रूप से रेस्टाेरेंट में शराब पराेसी जाती थी। इससे विभाग के रेवेन्यू काे नुकसान हाेता था। पूर्व के नियमाें के तहत रेस्टाेरेंट में सिर्फ बीयर बेचने का नियम था। अभी प्रदेश रेस्टाेरेंट में बार लाइसेंस की फीस जयपुर में सबसे ज्यादा 8 लाख रुपए, जाेधपुर में 7 लाख रुपए, अन्य जिला मुख्यालयों पर 5 लाख और कई जगह 3 लाख रुपए है। हेरिटेज हाेटल में अभी जयपुर, जाेधपुर, उदयपुर, माउंट आबू, जैसलमेर आदि जगहाें पर 10 कमराें तक के हाेटल में बार लाइसेंस की फीस 2 लाख रुपए, 11 से 25 कमराें तक 3.50 लाख रुपए और 25 कमराें से अधिक वाले होटल के लिए 4 लाख रुपए फीस है। प्रदेश में 103 हेरिटेज हाेटल्स और 377 रेस्टाेरेंट के पास बार लाइसेंस प्रदेश में 1418 हाेटल, रिसॉर्ट, बार और रेस्टाेरेंट काे शराब पराेसने का लाइसेंस दे रखा है। इसमें 23 क्लब काे बार लाइसेंस, 103 लाइसेंस हेरिटेज हाेटल, 58 लग्जरी हाेटल, 829 अन्य हाेटल्स, 22 आरटीडीसी की हाेटल्स, 377 रेस्टाेरेंट और एक अन्य काे बार का लाइसेंस दे रखा है। उदयपुर जिले में 137 पर्यटन इकाइयाें के पास बार लाइसेंस है। जबकि जिले में 811 हाेटल, रिसॉर्ट और हाेम स्टे है। हालांकि सरकार ने पाॅलिसी में यह नहीं बताया कि कितने प्रतिशत तक छूट मिलेगी। प्रदेश में हाेटल-रेस्टाेरेंट के बार लाइसेंस के आंकड़ाे पर गाैर किया जाए ताे यह काफी कम है। अभी लाइसेंस फीस ज्यादा हाेने से कई जगह चाेरी-छिपे शराब पराेसी जाती है। लाइसेंस की फीस में छूट मिलने से सरकार के रेवेन्यू में बढ़ाेतरी हाेने की उम्मीद है।


