नागौर शहर की व्यास कॉलोनी में बुधवार रात एक रिहायशी मकान की ऊपरी मंजिल पर बने रुई और हैंडीक्राफ्ट गोदाम में आग लगने का मामला सामने आया है। आग एसी में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। हादसे में लाखों रुपए की मशीनें और कच्चा माल जलकर नष्ट हो गया। पड़ोसियों की सतर्कता से मकान के निचले हिस्से में रह रहे परिवार को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे जनहानि नहीं हुई। सूचना पर दमकल पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। AC शॉर्ट सर्किट से भड़की आग जानकारी के अनुसार, कैलाश अग्रवाल के तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट हुआ। आग तेजी से फैलते हुए तीसरी मंजिल पर बने प्लास्टिक, हैंडीक्राफ्ट और रुई के गोदाम तक पहुंच गई। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग की लपटें तेज होती चली गईं। आग की लपटें पड़ोसी मकानों तक पहुंचीं आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें आसपास के मकानों को भी छूने लगीं। इससे पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। दमकल को आग पर काबू पाने में लगे 90 मिनट सूचना मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और भीड़ के कारण बचाव कार्य में परेशानी आई। करीब 90 मिनट की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। कंप्रेसर से बड़ा खतरा टला गोदाम में हवा से भरा एक भारी कंप्रेसर भी रखा हुआ था। यदि आग उस तक पहुंच जाती और कंप्रेसर फट जाता, तो पूरी कॉलोनी इसकी चपेट में आ सकती थी। समय रहते आग बुझने से बड़ा हादसा टल गया। पड़ोसी सुनील गौड़ ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे उन्होंने खिड़की से आग की लपटें देखीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर परिवार को जगाया और बिजली सप्लाई बंद करवाई। सुनील के अनुसार, अगर 10 मिनट की और देरी होती तो कम से कम 10 घर आग की चपेट में आ जाते। रिहायशी इलाके में गोदाम पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठाए हैं। बताया गया कि मकान में आग बुझाने के लिए कोई फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं था। इसके अलावा रिहायशी क्षेत्र में रुई और हैंडीक्राफ्ट का गोदाम संचालित किया जा रहा था, जिसे लेकर लोग नाराज हैं। मकान की हालत खराब, गिरने का खतरा आग से मकान की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं। इससे भवन की मजबूती को लेकर खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से स्थिति का आकलन किया जा रहा है।


