केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 2 दिन के दौरे पर गुरुवार को उत्तराखंड पहुंचे। यहां हरिद्वार में अमित शाह और रामदेव बाबा ने एक-दूसरे के पैर छुए। पतंजलि के डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने भी शाह के पैर छुए। इससे पहले शाह और सीएम पुष्कर सिंह धामी महर्षि दयानंद ग्राम स्थित पतंजलि योगपीठ परिसर पहुंचे। यहां पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इसके बाद शाह ने कनखल में मां भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष समारोह- 2026 में हिस्सा लिया। इसके बाद अमित शाह निरंजनी अखाड़ा पहुंचे। हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर संतों का आशीर्वाद लिया और मां गंगा को प्रणाम किया। अखाड़े ने उन्हें मां गंगा और हनुमान जी की पीतल प्रतिमाएं भेंट कीं। बुधवार को अमित शाह ऋषिकेश में गीता प्रेस के कार्यक्रम में पहुंचे थे। 2 तस्वीरें देखिए यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरी
यूथ कांग्रेस का गुरुवार को अमित शाह को काले झंडे दिखाने का प्लान था। कार्यकर्ता हाथ में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर आकर बैठ गए थे। लेकिन, पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें घसीटकर गाड़ियों में ठूंसा। अमित शाह की कही 4 बड़ी बातें… शाह बोले- हरिद्वार कुंभ की भूमि है
शाह ने कहा कि आज भारत अपनी संस्कृति, धर्म और विरासत पर गर्व के साथ खड़ा है। गायत्री परिवार के आंदोलन के तहत 15 करोड़ से ज्यादा लोग आध्यात्मिकता के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ की भूमि है, सप्तऋषियों की तपस्या की भूमि है। जहां अनगिनत संतों ने न केवल स्वयं की आत्मा को, बल्कि करोड़ों लोगों की आत्माओं को भी जागृत किया है। कहा- आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम
अमित शाह ने कहा कि यह स्थल आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम है। पंडित श्रीराम शर्मा ने इन तीनों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यक्ति-निर्माण का मार्ग चुना। ज अखंड ज्योति सम्मेलन में आकर मैं सही अर्थों में अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति कर रहा हूं। उत्तराखंड में कदम रखते ही हजारों सालों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। इसी भूमि पर पंडित श्रीराम शर्मा और वंदनीय माता जी ने गायत्री ऊर्जा को जागृत करने का महान कार्य किया। गायत्री मंत्र ने एक तरह से आध्यात्मिक जीवन को पुनर्जीवित किया। सनातन धर्म में कई कठोर प्रथाएं थीं। महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करने की अनुमति नहीं थी। इसका कोई ठोस कारण भी नहीं बताया जाता था। पंडित श्रीराम शर्मा ने इस कठोर परंपरा को तोड़ने का साहसिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र की शक्ति के माध्यम से जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना हर आत्मा के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया गया। इसके बाद अमित शाह दिल्ली के लिए लौट गए। सीएम सिंह धामी की कही 5 बड़ी बातें…


