जयपुर एक बार फिर अपने शाही अतीत और ऑटोमोबाइल विरासत को जीवंत करने जा रही है। राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब की ओर से आयोजित 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार एग्जीबिशन एंड ड्राइव में इस बार ऐसी दुर्लभ कारें शामिल हो रही हैं, जो न केवल तकनीक बल्कि अपने समय की सोच, डिज़ाइन और शिल्प कौशल की जीवित मिसाल हैं। 24 और 25 जनवरी 2026 को ताज जय महल पैलेस के लॉन में सजी यह प्रदर्शनी ऑटोमोबाइल इतिहास की एक खुली किताब साबित होगी। अशोक क्लब में गुरुवार को राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब के अध्यक्ष दयानिधि कासलीवाल, उपाध्यक्ष सुधीर कासलीवाल और महासचिव अविजित सिंह बदनौर ने इस दो दिवसीय आयोजन की जानकारी दी। प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण 1929 की बुगाटी होगी, जो नई दिल्ली के प्रसिद्ध कलेक्टर दिलजीत टाइटस के संग्रह से आ रही है। एट्टोरे बुगाटी की ओर से डिजाइन की गई यह कार अपने समय में रफ्तार, संतुलन और सौंदर्य का अद्भुत संगम मानी जाती थी। हल्का लेकिन मजबूत चेसिस, हाथ से गढ़े गए बॉडी पैनल और बारीक मैकेनिकल डिटेलिंग इसे एक चलता-फिरता कला–नमूना बनाते हैं। आज भी यह कार उस दौर की याद दिलाती है, जब कारें मशीन नहीं बल्कि शिल्पकला होती थीं। 1957 बेंटली S1: शालीनता और रॉयल ठाठ नई दिल्ली के उदय बहादुर की 1957 की बेंटली S1 ब्रिटिश रॉयल्टी की पहचान रही है। लंबा बोनट, क्लासिक क्रोम ग्रिल और हाथ से तैयार किया गया इंटीरियर इसे शाही सवारी बनाता है। उस दौर में बेंटली S1 को आराम और ताकत का बेजोड़ संतुलन माना जाता था, जिसमें लंबी दूरी की यात्राएं भी एक रॉयल अनुभव बन जाती थीं। मुंबई के उद्योगपति गौतम हरि सिंघानिया के संग्रह से आने वाली 1950 की जगुआर XK 120 अपने समय की सबसे तेज प्रोडक्शन कारों में शामिल रही है। इसका नाम ही इसकी क्षमता 120 मील प्रति घंटे है। एयरोडायनामिक बॉडी, लंबा कर्व्ड बोनट और दमदार इंजन इसे स्पोर्ट्स कार इतिहास में एक मील का पत्थर बनाते हैं। 1973 पोंटिएक फायरबर्ड: मसल कार युग की पहचान इसी संग्रह की 1973 की पोंटिएक फायरबर्ड अमेरिकी मसल कार संस्कृति की प्रतीक है। आक्रामक डिजाइन, चौड़ा स्टांस और शक्तिशाली इंजन इसे युवाओं की पसंदीदा कार बनाते थे। यह कार उस दौर की आजादी, ताकत और स्टाइल की सोच को दर्शाती है। इन अंतरराष्ट्रीय कारों के साथ-साथ जयपुर के प्रतिष्ठित कलेक्टर्स कमल एंड कंपनी, जेम पैलेस, घनी ऑटोज़, लक्ष्मी रमण जी और अविजित सिंह बदनौर के संग्रह भी प्रदर्शित होंगे, जो बताते हैं कि राजस्थान में विंटेज कारें केवल शौक नहीं, बल्कि विरासत हैं। जब विरासत सड़कों पर दौड़ेगी यह शो एक एग्जीबिशन के साथ शुरू होगा। जिसका उद्घाटन शनिवार को दोपहर 2 बजे ताज जय महल पैलेस में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और विशिष्ट अतिथि पर्यटन कमिश्नर रुक्मणी रियाड़ करेंगी। कार शो विंटेज और क्लासिक कार प्रेमियों और बड़े पैमाने पर जनता के लिए इन खूबसूरत कारों को देखने और सराहने के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा। चीफ जज कोलकाता के श्रीवर्धन कनोरिया के साथ जयपुर के अधिराज सिंह होंगे। पुरस्कारों पर निर्णय लेने के लिए कारों को मौलिकता, रखरखाव, दुर्लभता, उत्पत्ति आदि के आधार पर 3 सेक्शंस – विंटेज, क्लासिक और मॉडर्न क्लासिक में विभाजित किया जाएगा।
25 जनवरी को यह सभी कारें जयपुर की सड़कों पर ड्राइव के लिए निकलेंगी, जहां आमजन इन्हें चलते हुए देख सकेंगे। इसे राजस्थान के उप मुख्यमंत्री व परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसका रूट गवर्नमेंट हॉस्टल, एमआई रोड, पांच बत्ती, स्टेच्यू सर्कल, अंबेडकर सर्कल, जनपथ टर्न से चोम्मू सर्कल होगा और अंत में ड्राइव प्रतिभागियों के लंच के लिए ताज जय महल पैलेस में वापसी करेगी। जिसके बाद, दोपहर 3.30 बजे पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और टाइटस एंड कंपनी और टाइटस म्यूजियम के संस्थापक दिलजीत टाइटस द्वारा पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।


