अदालत ने बिजली उपभोक्ता पर लगाया 30 हजार का जुर्माना:झूठी शिकायत कर 12 लाख 10 हजार रूपए की क्षतिपूर्ति की मांग की थी

दौसा में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा निगम के खिलाफ दायर किए परिवाद पर स्थाई लोक अदालत ने निर्णय पारित कर परिवाद को खारिज करते हुए परिवादी उपभोक्ताओं पर 30 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। यह था मामला बिजली निगम के एसई एमएल मीना ने बताया कि उपभोक्ता मूलचन्द, प्रभूदयाल एवं रामफूल निवासी गुगोलाव लवाण द्वारा निगम पर आरोप लगाया था कि उनके द्वारा घरेलू एवं कृषि विद्युत कनेक्‍शन ले रखे थे, जिसके दोनों ट्रांसफॉर्मर एक ही डीपी सैट पर स्थापित थे जो कि 17 अगस्त 2025 को भारी बारिश के कारण गिरकर टूट गए। ट्रांसफॉर्मर एवं डी.पी. सैट गिरने व टूटने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र निगम कार्यालय में दिया गया तो विद्युत निगम द्वारा घरेलू कनेक्‍शन तो चालू कर दिए गए, लेकिन कृषि कनेक्‍शन चालू नहीं किया गया। ऐसे में परिवादी द्वारा निगम से 12 लाख 10 हजार रूपए की क्षतिपूर्ति की मांग की गई। निगम की ओर से अधिवक्ता जितेन्द्र तिवाड़ी ने पैरवी करते हुए निगम की ओर से जवाब परिवाद व दस्तावेजात प्रस्तुत किए। जिसमें संयुक्त बिजली कनेक्शन की बात सामने आई। साथ ही निगम अधिकारी के खिलाफ की गई शिकायत की झूठी पाई गई। जिस पर लोक अदालत ने परिवादी को बिजली चोरी का आदतन दोषी मानते हुए व झूठी शिकायतों को खारिज कर दिया गया। साथ ही झूठा परिवाद प्रस्तुत करने से निगम को हुई समय व आर्थिक क्षति की क्षतिपूर्ति बाबत प्रत्येक परिवादी से 10-10 हजार रूपये, इस प्रकार कुल 30 हजार रूपये की राशि का जुर्माना निर्णय की दिनांक से 15 दिवस के अन्दर निगम कार्यालय में जमा करवाए जाने का आदेश परिवादी को दिया गया।

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