भिलाई में हरिओम टीएमटी पर जीएसटी की कार्रवाई:अप्रैल 2025 से प्रोडक्शन का रिकॉर्ड गायब, 15 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी का अनुमान, मेंटेनेंस के नाम पर प्लांट बंद

हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी में जीएसटी विभाग की कार्रवाई पिछले चार दिनों से लगातार जारी है। 19 जनवरी को शुरू हुई यह कार्रवाई 22 जनवरी की देर शाम तक भी चलती रही। जीएसटी अधिकारियों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स की अनियमितता की गई है। अब तक की जांच के आधार पर जीएसटी विभाग ने करीब 15 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स चोरी का अनुमान लगाया है। जबकि कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कंपनी के पास 1 अप्रैल 2025 से अब तक के प्रोडक्शन का कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। जीएसटी नियमों के अनुसार किसी भी औद्योगिक इकाई को अपने उत्पादन, बिक्री और टैक्स से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से रखना अनिवार्य होता है, लेकिन हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी के पास 10 महीने से प्रोडक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। बिजली की खपत भी मानक से कहीं ज्यादा
जीएसटी की छापेमार कार्रवाई में यह बात भी सामने आ रही है कि कंपनी की बिजली खपत मानक से कहीं अधिक है। जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्पंज आयरन और टीएमटी निर्माण करने वाली कंपनी के लिए बिजली खपत का एक निर्धारित स्टैंडर्ड होता है। यदि बिजली की खपत उस मानक से ज्यादा है, तो इसका सीधा मतलब है कि उत्पादन भी अधिक हुआ है। इसी आधार पर जीएसटी विभाग ने अनुमान लगाया है कि कंपनी ने वास्तविक उत्पादन छिपाकर टैक्स चोरी की है। मुंबई में ब्रांच, सॉल्टी ऑक्सीजन के इस्तेमाल भी जोड़ते हैं कास्ट
हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड स्पंज आयरन से टीएमटी सरिया बनाने का काम करती है और खुद को उच्च गुणवत्ता वाला टीएमटी निर्माता बताती है। कंपनी की एक शाखा मुंबई में भी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार मुंबई ब्रांच में समुद्री तटीय क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले सॉल्टी ऑक्सीजन के मानकों के अनुसार टीएमटी पर विशेष पेंट किया जाता है और उसकी अतिरिक्त लागत जोड़ी जाती है। साल के अंत में करवाते हैं ऑडिट, उसी में करते हैं डाटा एडजेस्ट
जानकारी के अनुसार कंपनी के मालिक हर वर्ष वित्तीय वर्ष के अंत में ऑडिट करवाते हैं और उसी समय विभिन्न आंकड़ों को एडजेस्ट कर देते हैं। जीएसटी के अफसरों के मुताबिक पिछले 10 महीनों का कंपनी के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। जीएसटी अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद टैक्स देनदारी की राशि और बढ़ सकती है। कंपनी के मालिक बाहर, मेंटेनेंस के नाम पर प्लांट बंद
इस बीच बताया जा रहा है कि कंपनी के मालिक संदीप अग्रवाल के मुंबई में होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि दूसरे मालिक भगवानदास अग्रवाल के बारे में बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी की तबीयत खराब है और वे अस्पताल में हैं। जीएसटी की कार्रवाई के दौरान कंपनी प्रबंधन ने प्लांट को मेंटेनेंस का हवाला देकर बंद कर दिया है।

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