मप्र पुलिस की ई-रक्षक द स्मार्ट कॉप एप्लीकेशन की मदद से पुलिसकर्मी स्पॉट पर ही आदतन अपराधियों या किसी भी संदिग्ध की कुंडली केवल एक क्लिक पर निकाल सकते हैं। इस एप को स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) ने ही बनाया है। इसकी खासियत ये भी है कि फेस रिकॉग्नाइजेशन मॉड्यूल के जरिए संदिग्ध का फोटो अपलोड कर उसे भी सर्च कर सकते हैं। इसके लिए पुलिस को एप के जरिए केवल सामने खड़े संदिग्ध की तस्वीर क्लिक करनी होगी। यानी पुलिस के सामने खड़े संदिग्ध की जानकारी यदि नाम के आधार पर नहीं मिल पा रही है तो उसकी तस्वीर ही उसकी पहचान करवा देगी। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने शनिवार को एससीआरबी की कार्यप्रणाली और तकनीकी नवाचारों की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें आईसीजेएस, सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट, नेटवर्क और सीसीटीएनएस में नए आपराधिक कानून के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। साथ ही एससीआरबी की ओर से बनाई गई ई-रक्षक मोबाइल एप के बारे में भी बताया गया। ई-रक्षक एप्लीकेशन के बारे में उन्होंने एक प्रेजेंटेशन भी देखा। बता दें कि बीती 23 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस एप का लोकार्पण किया था। व्हीकल सर्च की भी सुविधा – इस एप में व्हीकल सर्च विंडो भी है, जिसमें जाकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, ईंजन या चेसिस नंबर की पड़ताल की जा सकती है। यदि गाड़ी चोरी की है तो एप से यह भी पता चल जाएगा कि उसकी रिपोर्ट मप्र के किस थाने में दर्ज है। जुलाई 2023 इस एप्लीकेशन का ट्रायल रन भोपाल-इंदौर कमिश्नरेट के अलावा कुछ अन्य जिलों में भी किया जा रहा था। 2016 से पहले की एफआईआर भी हुईं डिजिटाइज: इस एप्लीकेशन को उस सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर से सिंक कर दिया गया है, जिस पर मप्र समेत देश की पुलिस काम करती है। मप्र में सीसीटीएनएस की शुरुआत 2016 में हुई। तभी से एफआईआर इसी सॉफ्टवेयर के जरिए दर्ज होने लगी हैं। इससे पहले की दर्ज एफआईआर भी डिजिटाइज्ड करके सीसीटीएनएस में अपलोड कर दी गई हैं। यानी मप्र में अब तक दर्ज हुईं करीब 41.81 लाख एफआईआर का डेटा भी ई-रक्षक एप पर अपलोड हो गया है। 8.16 लाख हिस्ट्री शीटर सर्च -इस एप में सर्चिंग के लिए 16 अलग-अलग मॉड्यूल बनाए हैं। इसके जरिए मप्र के पुलिसकर्मियों ने अब तक करीब 49.90 लाख सर्च किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 16.33 लाख सर्च रिपीट ऑफेंडर्स के लिए हुए हैं। हिस्ट्री शीटर की पड़ताल के लिए 8.16 लाख और 3.77 लाख सर्च वाहन की पड़ताल के लिए किए । 3.49 सर्च समन-वारंट के लिए किए गए हैं।


