मंडला जिले के खड़देवरा चौराहा (पदमी) में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति ने हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। सम्मेलन का असल मकसद लोगों के बीच अपनी पुरानी संस्कृति को बचाए रखना, आपसी भाईचारा बढ़ाना और देश के प्रति प्रेम जगाना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई, जिसके बाद पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद जगद्गुरु स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचन में समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि हमें छोटी-छोटी बातों और आपसी मतभेदों को छोड़कर देश के बारे में सोचना चाहिए। महाराज जी ने क्रांतिकारी बिरसा मुंडा को एक ‘संत’ बताते हुए कहा कि उन्होंने देश को ही भगवान माना और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए जान न्योछावर कर दी। उनके जीवन से हमें सीख लेनी चाहिए। महिलाओं के बीच बैठीं मंत्री संपतिया उईके इस मौके पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। खास बात यह रही कि वे किसी प्रोटोकॉल के बजाय आम महिलाओं (मातृशक्ति) के बीच जाकर बैठीं और पूरे कार्यक्रम का आनंद लिया। उन्होंने वहां हो रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की खूब सराहना की और समाज में महिलाओं की भागीदारी को जरूरी बताया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बच्चों का सम्मान सम्मेलन में स्थानीय बच्चों ने श्रीराम भजन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और वंदे मातरम की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के इस टैलेंट को देखकर मंत्री जी और अन्य अतिथियों ने उन्हें मंच पर बुलाकर इनाम दिए और उनका हौसला बढ़ाया। छोटी-छोटी मंडलियों द्वारा गाई गई श्रीराम स्तुति ने सबका मन मोह लिया। भारत माता की आरती के साथ समापन कार्यक्रम के आखिरी में सभी ने मिलकर भारत माता की आरती की। इस आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के संतों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने जी-जान से मेहनत की। अंत में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने एकता और सद्भाव का संकल्प लिया।


