दूसरे पक्ष का आरोप-पुलिस को गुमराह किया जा रहा: दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के किशन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। किशन का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में 9 तारीख को पानी को लेकर विवाद हुआ था, जिसे उनके पिता ने सुलझा लिया था। उनके पिता ट्रांसपोर्ट नगर के प्रधान हैं। किशन का आरोप है कि 14 जनवरी को दूसरे पक्ष ने 25 से 30 लोगों के साथ मिलकर उनके पिता और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 3 बजे हुई और स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। किशन ने कहा कि उनके द्वारा किसी को झुग्गियों से बाहर नहीं निकाला गया है, बल्कि दूसरे पक्ष ही वहां जाकर गुंडागर्दी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस मामले से जुड़े सभी सबूत मौजूद हैं और उन्होंने थाना 7 में शिकायत दर्ज करवाई है। किशन का आरोप है कि दूसरा पक्ष पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष पुलिस कमिश्नर दफ्तर में इंसाफ की गुहार लगा चुके हैं। मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। भास्कर न्यूज | लुधियाना ट्रांसपोर्ट नगर की झुग्गियों में रहने वाले दो पक्षों के बीच पानी भरने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। लोहड़ी के दिन हुए इस विवाद में दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और डंडों से मारपीट की गई। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। पीड़ित पक्ष की आरती ने बताया कि 14 जनवरी को वह लोहड़ी मांगकर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरती का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने उनकी लड़की को किडनैप करने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया। उन्होंने कहा कि इस हमले में उनके परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उनका बच्चा भी घायल हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्हें झुग्गियों में वापस जाने नहीं दिया जा रहा, जिस कारण वे फिलहाल ताजपुर रोड स्थित अपने चाचा के घर रह रहे हैं। इंसाफ की मांग को लेकर वे पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचे, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। वहीं दूसरी पीड़िता कोमल ने बताया कि वह घर के अंदर बैठी थी, तभी अचानक उसकी भाभी और उस पर हमला कर दिया गया। जान बचाने के लिए वह भागकर इंडियन पेट्रोल पंप तक पहुंची, जहां एक राहगीर ने उसकी मदद की। कोमल का आरोप है कि हमलावर लगातार उस पर डंडे बरसाते रहे और पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मोती नगर थाने की पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही, जिसके चलते वे पुलिस कमिश्नर दफ्तर में गुहार लगाने पहुंचे हैं।


