बांसवाड़ा| सड़क सुरक्षा को लेकर ठिकरिया में आयोजित नेत्र जांच शिविर में सामने आए आंकड़े चिंताजनक हैं। ठिकरिया स्थित नागेश्वर मंदिर के पास गुरुवार को परिवहन विभाग और व्यास पीयूसी सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में लगे शिविर में जांच के दौरान अधिकांश ड्राइवरों की नजर कमजोर पाई गई। कुल 42 ड्राइवरों की नवीन तकनीक से जांच की गई, जिसमें सिर्फ 6 चालकों की नजर सामान्य निकली, जबकि 36 ड्राइवरों में किसी न किसी प्रकार का दृष्टि दोष पाया गया। शिविर में सामने आया कि 28 चालकों की दूर की नजर कमजोर है, जिससे हाईवे और रात्रि ड्राइविंग के दौरान दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। वहीं 6 चालकों में मोतियाबिंद की प्रारंभिक स्थिति पाई गई, जबकि 2 चालकों की पास की नजर कमजोर निकली। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच और उपचार नहीं होने पर यह समस्या गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। शिविर के दौरान जिला परिवहन अधिकारी पंकज शर्मा और व्यास पीयूसी सेंटर के प्रोपराइटर मनोहर व्यास ने चालकों को नेत्र जांच के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट दृष्टि के बिना वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि यात्रियों और राहगीरों की जान को भी खतरे में डालता है। विशेष रूप से स्कूल वाहनों के ड्राइवरों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने चालकों को यातायात नियमों की जानकारी दी और सुरक्षित ड्राइविंग के व्यावहारिक टिप्स बताए। कार्यक्रम में यूडीसी दीपेंद्र सिंह राठौड़, आईए प्रीयल जोशी, प्रकाश मीणा, मनीष मीणा, समाजसेवी विनोद ठाकुर, वार्ड पंच आशीष त्रिवेदी और पूर्व सरपंच नरेंद्र डोडियार ने भी सहभागिता निभाई।


