सरकारी वकील ने कहा-हाई कोर्ट की वेबसाइट ओपन करना नहीं आता, जज बोले-एएजी सरकारी वकीलों को ट्रेनिंग दिलाएं, ताकि ये नौबत न आए

सरकारी वकील ने कहा-हाई कोर्ट की वेबसाइट ओपन करना नहीं आता मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में इन दिनों सरकारी वकीलों की तैयारी और योग्यता पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। दीनारपुर स्थित जमीन से जुड़े मामले में गुरुवार को उस वक्त अजीब स्थिति निर्मित हो गई, जब कोर्ट ने सरकारी वकील के जवाब को पढ़ने के बाद कहा- लगता है आपने 21 जनवरी का आदेश नहीं पढ़ा, इसलिए सही तरह से जवाब पेश नहीं कर पाए। कोर्ट ने सरकारी वकील को हाई कोर्ट की वेबसाइट ओपन (ईआरपी) कर आदेश पढ़ने के लिए कहा। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट की वेबसाइट ओपन करना (ईआरपी ऑपरेट करना) नहीं आता। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) को निर्देश दिया कि वे एक कार्यशाला आयोजित करें, ताकि सरकारी वकीलों को इस संबंध में ट्रेनिंग दी जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो। दरअसल, जमीन से जुड़े इस मामले में शासन स्तर पर लापरवाही पर हाई कोर्ट ने जिम्मेदार अधिकारी का नाम पता करने के निर्देश दिए तो एक अनुभाग अधिकारी का नाम सामने आया। कोर्ट को बताया गया कि अनुभाग अधिकारी 2021 में रिटायर हो गईं और 4 साल की अवधि बीतने के बाद कार्रवाई नहीं हो सकती। इस पर कोर्ट ने वह जॉच रिपोर्ट पेश करने को कहा, जिसके आधार पर उक्त महिला अधिकारी ही इस मामले में जिम्मेदार माना गया। सुनवाई के दौरान एक अन्य सरकारी वकील ने स्वीकार किया कि संपूर्ण जानकारी पेश नहीं की गई है इसके लिए उन्होंने एक दिन का समय मांगा। अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी। कोर्ट का तंज…, कहा- एक नेता को पकड़ा और बन गए सरकारी वकील मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में शासन की पैरवी के लिए नियुक्त सरकारी वकील जजों से फटकार खा रहे हैं। ताजा मामला एक जमानत याचिका की सुनवाई से जुड़ा हुआ है। आरोपी के वकील ने जमानत याचिका पर बहस की तो सरकारी वकील ने और समय चाहा। इस पर कोर्ट ने आपत्ति जताई, तंज कसते हुए कहा- आपने तो किसी नेता का हाथ पकड़ लिया और सरकारी वकील बन गए। केस की तैयारी की नहीं है और समय मांग रहे हैं।

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