भागीरथपुरा की पेयजल त्रासदी के बाद अब महू के पत्ती बाजार स्थित चंदर मार्ग में एक सप्ताह में दूषित पानी पीने से 25 लोग बीमार हो गए हैं। इनमें 19 बच्चे हैं। इनमें छह बच्चे एक ही परिवार के हैं। यहां घर-घर में पीलिया और टाइफाइड ने पैर पसार लिए हैं। रहवासियों का कहना है कि सुबह कैंटबोर्ड नियमित नर्मदा का जलप्रदाय करता है, जिसमें गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। रहवासियों ने हंगामा मचाया तो एसडीएम राकेश परमार, तहसीलदार विवेक सोनी व कैंटबोर्डकर्मी मौके पर पहुंचे। देर रात इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी महू पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर ने भी रहवासियों से बातचीत की। कैंट बोर्ड के सिटी इंजीनियर एच.एस.कोलाय का कहना है, क्षेत्र में बोरिंग व नर्मदा दो तरह की लाइन है। शुक्रवार सुबह लाइन चेक करवाएंगे। पेयजल लाइन नाली से गुजर रही, इसी से पानी दूषित हुआ चंदर मार्ग की गली में नर्मदा जल की पाइपलाइन नालियों के बीच से गुजर रही है, जिससे लीकेज के कारण पानी दूषित होने की आशंका है। रहवासियों का कहना है कि नर्मदा का पानी शुरुआत में बहुत गंदा आता है थोड़े समय बाद जब बदबू खत्म होती है, तब हम इस्तेमाल के लिए भरते हैं। यहां नल भी 3-4 दिन में आते हैं। गलियां संकरी होने के कारण साफ सफाई भी नहीं होती है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। 50 घरों के लोग बीमार हैं 50 से अधिक घरों में लोग बीमार हैं। चाचा जगदीश चौहान को दूषित पानी से लिवर इंफेक्शन हो गया है। इंदौर के निजी अस्पताल में 10 दिन से इलाज जारी है। – संजय चौहान, रहवासी


