ऐशान्या बोलीं- आप हिंदू…हम आपसे सामान नहीं लेंगे:आगरा में सुनाई दर्द भरी कहानी; कहा- हमें भी ऐसा ही जवाब देना होगा

कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल आतंकियों ने कानपुर के शुभम द्विवेदी की हत्या कर दी थी। इसका दर्द उनकी पत्नी ऐशान्या द्विवेदी आज भी झेल रही हैं। ऐशान्या ने आगरा में हिंदू सम्मेलन में अपना यह दर्द शेयर किया। कहा- हम धर्म पूछकर कह नहीं कह सकते कि हम आपसे सामान नहीं लेंगे, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। हम आपके साथ काम नहीं करेंगे, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। अपने अंदर ये जगाइए…नहीं तो बहुत जल्द हम खत्म हो जाएंगे। लेकिन, यह होने नहीं देना है। ऐशान्या आगरा के जीआईसी मैदान पर गुरुवार को हुए हिंदू सम्मेलन में आई थीं। उन्होंने कहा- मेरी कथा और व्यथा सबको पता है, लेकिन इस घटना को अपनी ताकत बनाकर आगे चलना चाहती हूं। 22 अप्रैल, 2025 का दिन वो ‘ब्लैक डे’ था, जिस दिन हिंदुओं से कहा गया था कि कलमा पढ़ो। नहीं पढ़ोगे तो गोली मार देंगे। फिर भी मेरे पति ने गर्व से कहा था कि मैं हिंदू हूं। पढ़िए ऐशान्या की कही बातें बुर्केे वाली तीन महिलाएं, मुझे देखकर लौट गईं
पहलगाम घटना के बाद की एक घटना को याद करते हुए ऐशान्या ने कहा- आतंकी हमले के बहुत दिनों बाद मैं अपनी बहन के स्टोर पर गई थी। वहां बुर्केे में 3 महिलाएं आईं, लेकिन मुझे देखकर लौट गईं। कुछ आगे चलकर आपस में कहने लगीं कि यह वही पहलगाम वाली लड़की है। इसके यहां से कुछ नहीं खरीदना है। हिंदू होने की वजह से हम पर गोलियां चलाईं
मैंने उनका क्या बिगाड़ा था? उन्होंने मेरा धर्म पूछा था, मेरे मुसलमान न होने और हिंदू होने की वजह से हम पर गोलियां चलाईं। मैंने उनके साथ गलत नहीं किया था। फिर भी वो मेरे मुंह पर बोल कर गईं कि इनके यहां से कुछ नहीं लेना। क्योंकि, ये वही पहलगाम वाली हिंदू लड़की है। हिंदुओं से कहा कि आपका खून कब खौलेगा
ऐशान्या ने कहा- आपके जेहन में कब ये बात घुसेगी…आपके जेहन में कब ये बात आएगी…आपका खून कब खौलेगा कि हम हिंदू हैं? हम एक हैं…हम एक साथ ही रहेंगे। हम नहीं जाएंगे, जहां वे हिंदुओं को छोटा समझते हैं। हिंदू होने पर हमारे बारे में खराब बोला जाता है। जब वो ऐसा कर सकते हैं, तो हम धर्म पूछकर क्यों नहीं कह सकते कि हम नहीं लेंगे आपसे सामान, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। हम नहीं करेंगे आपके साथ काम, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। अपने अंदर ये जगाइए। नहीं तो बहुत जल्द हम खत्म हो जाएंगे, लेकिन हमें यह होने नहीं देना है। मैं नहीं चाहती कि अब और किसी बेटी या बहू के साथ ऐसा हो। एक रहिए…हिंदुस्तान हिंदुओं का स्थान था…है और रहेगा। कश्मीर में ‘हिंदू बहुमत’ पर जोर
ऐशान्या ने कश्मीर की स्थिति पर कहा- अगर कश्मीर में हिंदू बहुमत में होते, तो उन 26 लोगों को नहीं मारा जाता। मेरे पति ने गोली नहीं खाई होती। अगर समय रहते एकजुटता नहीं दिखाई गई, तो देश की स्थिति खराब होने में वक्त नहीं लगेगा। अब पढ़िए कश्मीर के आतंकी हमले में क्या हुआ था… 31 साल के शुभम द्विवेदी की ऐशान्या से शादी हुई थी। शादी के करीब 2 महीने बाद 17 अप्रैल, 2025 को ऐशन्या और शुभम परिवार के 11 सदस्यों के साथ कश्मीर घूमने गए थे। उन्हें 23 अप्रैल को घर लौटना था। लेकिन, इससे एक दिन पहले 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने हमला कर दिया। इसमें शुभम समेत 27 लोगों की मौत हो गई। 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। आतंकी हमले का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें मैदान एक लाश दिख रही थी। इसके बाद ऐशान्या ने परिवारवालों को फोन पर बताया था कि आतंकियों ने पहले नाम पूछा और फिर शुभम के सिर में गोली मार दी। …………………..
यह भी पढ़ें : शुभम और ऐशन्या का 70 दिन का साथ, डेस्टिनेशन वेडिंग की, 2 महीने बाद आंखों के सामने हत्या; शादी से अंतिम यात्रा तक 24 तस्वीरें पहलगाम आतंकी अटैक में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी का राजकीय सम्मान के साथ गुरुवार को अंतिम संस्कार हुआ। शुभम पत्नी और परिवार के 11 लोगों के साथ ट्रिप पर गए थे। उनकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी। दोनों की ओरछा में डेस्टिनेशन वेडिंग हुई थी। पति की अंतिम यात्रा निकली तो पत्नी ऐशन्या​​​​​​ चीखने लगी। चीख-चीखकर यही कहती रही, मुझे अकेला क्यों छोड़ गए। पढ़िए पूरी खबर…

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