बुधनी क्षेत्र के भीमकोटी में एक टाइगर(बाघ) मृत अवस्था में पानी के पास पड़ा मिला। वन विभाग के अनुसार टाइगर की मौत 24 से 36 घंटे पहले हुई। मौत के कारण अभी साफ नहीं हैं। प्राथमिक जांच में इसे प्राकृतिक मौत माना गया है। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। टाइगर के सैंपल वेटरनरी हॉस्पिटल जबलपुर भेजे गए हैं। कुछ सैंपल बरेली भी भेजे गए हैं। वहां यह जांच होगी कि कहीं टाइगर को जहर तो नहीं दिया गया था। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ और सीसीएफ स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों की टीम ने किया। इसमें बुधनी के डॉक्टर यादव और रातापानी टाइगर रिजर्व के डॉक्टर अमित शामिल थे। अधिकारियों की मौजूदगी में टाइगर का अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग ने बताया कि टाइगर के शरीर का कोई अंग गायब नहीं है। इससे शिकार की आशंका नहीं जताई गई है। हर एंगल से जांच की जा रही है।


