हज 2026 के लिए टोंक से सऊदी अरब की रुबातों में ठहरने की इजाजत प्रक्रिया शुरू हो गई है। मक्का और मदीना की रुबातों में निशुल्क ठहराव के लिए 25 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करना जरूरी रखा गया है। यह प्रक्रिया हज गाइडेंस सोसाइटी के जरिए की जा रही है। टोंक और पूर्व रियासत कालीन टोंक परगनात के हज यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। तय प्रक्रिया के तहत इजाजत नामे जारी किए जाएंगे। हज गाइडेंस सोसाइटी जारी करेगी इजाजत नामे हज 2026 के लिए इस बार सऊदी अरब स्थित रुबातों के इजाजत नामे हज गाइडेंस सोसाइटी के सदर मोईनुद्दीन निजाम द्वारा जारी किए जाएंगे। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सऊदी अरब की रुबातों में निशुल्क ठहरने के इच्छुक हज यात्रियों को तय समय सीमा में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। 25 जनवरी तक होगा रजिस्ट्रेशन हज गाइडेंस सोसाइटी से जुडे एईएन ने बताया कि टोंक जिले और टोंक परगनात से हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए मक्का और मदीना की रुबातों के इजाजत नामों का रजिस्ट्रेशन 25 जनवरी तक किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन सुभाष बाजार के पास स्थित निजाम फैक्ट्री में कराया जा सकेगा। इन क्षेत्रों के हज यात्रियों को मिलेगा लाभ टोंक जिले के साथ ही पूर्व रियासत कालीन टोंक परगनात के छबडा, पिडावा, निम्बाहेडा और मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र से हज पर जाने वाले यात्रियों को भी रुबातों में निशुल्क ठहरने के लिए इजाजत नामे जारी किए जाएंगे। निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन आने पर शेष सीटों के लिए कुर्रा निकाला जाएगा। जरूरी डाक्यूमेंट्स और समय रजिस्ट्रेशन के लिए हज यात्रियों को आधार कार्ड की प्रति, पासपोर्ट की प्रति, चार रंगीन फोटो और मास्टर डाटा की प्रति साथ लानी होगी। रजिस्ट्रेशन का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तय किया गया है। जो हज यात्री मक्का की रुबातों के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे, उन्हें मदीना के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। 80 हजार रुपए तक की सहूलियत यदि किसी हज यात्री को मक्का और मदीना दोनों जगह रुबातों में ठहरने की इजाजत मिल जाती है, तो उसे करीब 80 हजार रुपए तक की आर्थिक सहूलियत मिल सकती है। इससे हज यात्रा का खर्च कम हो जाता है। 125 साल पुरानी रुबातों की परंपरा टोंक रियासत की बेगमों ने करीब 125 से 130 साल पहले सऊदी अरब के मक्का और मदीना में इन ऐतिहासिक रुबातों का निर्माण कराया था। वक्फ की गई इन रुबातों में कई सालों से हज यात्रियों को निशुल्क ठहरने की सुविधा मिलती आ रही है, जिससे टोंक और आसपास के क्षेत्रों के हज यात्रियों को लगातार फायदा मिल रहा है।


