चंडीगढ़ के मनीमाजरा खेल परिसर में ढेलपुर की तर्ज पर नया स्केटिंग रिंग बनाया जाएगा। खेल विभाग ने इसके लिए करीब 50 लाख रुपए का प्रपोजल तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत तीन तरह के स्केटिंग रिंग बनाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह रिंग स्केटिंग एसोसिएशन, इंजीनियरिंग टीम और एक्सपर्ट्स की सलाह से तैयार किया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 साल पहले सेक्टर-10 में बना स्केटिंग रिंग असमतल होने के कारण अब उपयोग के लायक नहीं है। वहां न तो खिलाड़ी अभ्यास कर पा रहे हैं और न ही किसी चैंपियनशिप का आयोजन संभव हो पा रहा है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए विभाग इस बार कोई चूक नहीं करना चाहता। स्पोर्ट्स डायरेक्टर यूटी सौरभ अरोड़ा ने बताया कि मनीमाजरा खेल परिसर में स्केटिंग रिंग बनाने की योजना को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार सभी तकनीकी मानकों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही निर्माण किया जाएगा। मनीमाजरा में बनेंगे 3 तरह के स्केटिंग रिंग खेल विभाग मनीमाजरा खेल परिसर में 3 प्रकार के स्केटिंग रिंग बनाएगा। स्केटिंग एसोसिएशन के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-17 में स्केटिंग खिलाड़ियों के लिए बेहतर ग्राउंड तैयार होने के बाद रोलर हॉकी, इनलाइन हॉकी और स्पीड स्केटिंग रिंग की मांग रखी गई थी, जिसे विभाग ने मंजूरी दे दी है। GMSSS-28 और सारंगपुर का प्रपोजल रद्द खेल विभाग ने पहले स्केटिंग रिंग बनाने का प्रपोजल जीएमएसएसएस-28 और बाद में सारंगपुर खेल परिसर के लिए भी तैयार किया था, लेकिन जब अधिकारियों ने मौके पर जाकर लंबाई और चौड़ाई की माप ली तो वह मानकों से कम पाई गई। इसके चलते दोनों स्थानों के प्रपोजल रद्द कर दिए गए और मनीमाजरा खेल परिसर को अंतिम रूप से चुना गया। खेल विभाग ने वर्ष 2016 में सेक्टर-10 में स्केटिंग रिंग का निर्माण कराया था, लेकिन उस समय एसोसिएशन की सलाह नहीं ली गई। गलत डिजाइन और असमतल ट्रैक के कारण यह रिंग न तो अभ्यास के लिए उपयोग हो पा रहा है और न ही प्रतियोगिताओं के लिए।


