गुना जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में हुई दो व्यक्तियों की मौत के मामलों में कोर्ट ने कुल लगभग 1.68 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।एक मामले में 1.41 करोड़ रुपए, जबकि दूसरे मामले में 25 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा निर्धारित किया गया है। दोनों ही मामलों की पैरवी एडवोकेट सुनील रघुवंशी सेमरी ने की। पहला मामला : सरकारी शिक्षक की सड़क हादसे में मौत
पहला मामला शहर की भगत सिंह कॉलोनी निवासी शासकीय शिक्षक मनोज यादव की सड़क दुर्घटना में मौत से जुड़ा है।9 जनवरी 2025 को मनोज यादव शासकीय स्कूल सींगाखेड़ी से पढ़ाकर अपनी बाइक (MP 33 MF 3029) से घर लौट रहे थे। उनके पीछे-पीछे छोटे भाई सुरेंद्र यादव दूसरी बाइक से जा रहे थे। तेज रफ्तार अर्टिका ने मारी टक्कर
शाम करीब 4:20 बजे आगरा-बॉम्बे रोड पर म्याना ओवरब्रिज से नीचे उतरते समय सफेद रंग की अर्टिका कार (MP 08 YC 8002) के चालक ने तेज व लापरवाही से वाहन चलाते हुए पीछे से मनोज यादव की बाइक में टक्कर मार दी।हादसे में मनोज को सिर, हाथ-पैर सहित शरीर में गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान भोपाल एम्स में मौत
घटना के बाद डायल-100 की मदद से घायल मनोज को जिला अस्पताल गुना ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया।भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान 14 जनवरी को उनकी मौत हो गई। परिजनों को मिला 1.41 करोड़ का मुआवजा
मृतक की पत्नी संध्या यादव, बेटा ध्रुव और माता-पिता की ओर से कोर्ट में क्लेम आवेदन लगाया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 1.32 करोड़ रुपए मुआवजा और 8 लाख रुपए ब्याज सहित कुल 1.41 करोड़ रुपए अदा करने का आदेश दिया।चूंकि कार बीमित थी और चालक के पास वैध लाइसेंस था, इसलिए पूरी राशि बीमा कंपनी द्वारा भुगतान की जाएगी। दूसरा मामला : मजदूर की मौके पर मौत
दूसरा मामला खेरी खता गांव निवासी आदिवासी मजदूर सुनील बारेला की सड़क दुर्घटना में मौत से जुड़ा है।सुनील बाइक से अपने गांव से बुआ के गांव हथियावड़ जा रहा था। उसके पीछे दूसरी बाइक पर पिता बबलू बारेला और राजकुमार बारेला हाट कराने जा रहे थे। ट्रैक्टर की टक्कर से हुई मौत
दोपहर करीब 1:30 बजे गुना-सिरसी रोड पर जालमपुर स्कूल के पास मोड़ पर जॉन डियर ट्रैक्टर (MP 08 ZB 8892) के चालक ने तेज व लापरवाही से वाहन चलाते हुए सुनील की बाइक को टक्कर मार दी।हादसे में सुनील के सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने दिए 27.50 लाख मुआवजे के आदेश
इस मामले में सुनील की पत्नी सुनीता, एक वर्षीय बेटी और माता-पिता की ओर से क्लेम आवेदन लगाया गया।मामले की सुनवाई पंचम मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के सदस्य ओपी रघुवंशी ने की।कोर्ट ने 27.50 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए। खास बात यह रही कि सिर्फ 11 महीने में केस का निपटारा किया गया। कोर्ट की टिप्पणी : बेटी और माता-पिता पिता-पुत्र के स्नेह से वंचित
फैसले में कोर्ट ने कहा कि मृतक की एक वर्षीय बेटी अपने पिता के स्नेह से वंचित हो गई है, वहीं माता-पिता को भी अपने पुत्र का सहारा खोना पड़ा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


