मऊगंज जिले में शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं और अनुशासनहीनता पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मऊगंज की शिक्षिका और तत्कालीन छात्रावास वार्डन शकुंतला नीरत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आदेशों की अवहेलना, छात्रावास का प्रभार न सौंपने और लाखों रुपए के अनाधिकृत आहरण के गंभीर आरोप हैं। कलेक्टर संजय कुमार जैन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि शकुंतला नीरत पर वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों की अनदेखी करने, छात्रावास का विधिवत प्रभार न देने और अनाधिकृत रूप से 6 लाख 67 हजार 699 रुपए निकालने के आरोप हैं। इन आरोपों के चलते उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान नीरत का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय हनुमना निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास दुवगवां कुर्मियान में अधीक्षक के रूप में नीरत के कार्यकाल से संबंधित एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद निलंबन का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


