ग्वालियर में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर एक 17 साल की युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 10वीं कक्षा की छात्रा थी। पड़ोस में ही रहने वाला समाज का लड़का, निखिल बघेल, लगातार उसे परेशान कर रहा था। युवती ने इस मामले की शिकायत अपने पिता से की थी। पिता दो दिन पहले आरोपी के घर गए और उसे समझाया कि वह दोबारा उनकी बेटी को परेशान न करे। निखिल ने भरोसा दिलाया कि वह आगे ऐसा नहीं करेगा। इस भरोसे के कारण परिवार ने थाने में शिकायत नहीं दर्ज कराई। बुधवार को जब आरोपी ने फिर से युवती को परेशान किया, तब उसने यह कदम उठा लिया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू की। घटना गिरवाई थाना क्षेत्र के बघेल मोहल्ले में की है। मोनिका बघेल, ओम प्रकाश बघेल की पुत्री, स्कूल से पढ़ाई खत्म करके दोपहर में घर पहुंची थी। लगातार परेशान किए जाने के कारण वह काफी डिप्रेशन में थी। घर आते ही वह सीधे अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद मां उसे बुलाने पहुंची, तो उन्होंने बेटी को फंदे पर लटका पाया। परिजन फंदा काटकर उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक युवती की मौत हो चुकी थी। आरोपी डाल रहा था मानसिक दबाव बताया जा रहा है कि निखिल बघेल युवती को आते-जाते छेड़ता और सोशल मीडिया पर कमेंट्स करता था। लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण पीड़िता ने अपने माता-पिता को शिकायत दी थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि निखिल बघेल पिछले एक साल से युवती को परेशान कर रहा था। एक महीने पहले ही परिवार को पूरा घटनाक्रम पता चला था। पिता का कहना है कि निखिल बघेल के पास पीड़िता की कुछ तस्वीरें भी थीं, जिन्हें वह वायरल करने की धमकी दे रहा था। पुलिस जांच में जुटी गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्रनाथ सिंह यादव ने बताया कि युवती ने बुधवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाया गया। परिजनों ने आरोपी पर मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपी की भी जांच कर रही है और जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


