मैहर में बसंत पंचमी के मौके पर विद्या की देवी माता शारदा के प्रसिद्ध मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। तड़के सुबह से ही माता शारदा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में देखी गईं। दर्शनार्थियों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा शामिल थे। वे माता शारदा से विद्या, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। दोपहर 2 बजे तक तकरीबन 30 हजार भक्त मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई पूजा सुबह करीब 5 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता शारदा की विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न होने के बाद गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा और मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा। अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालु बसंत पंचमी को विद्या आरंभ का शुभ दिन माना जाता है। इसी कारण इस दिन माता शारदा के दरबार में छात्रों की विशेष उपस्थिति देखी गई। कई श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंचे और उनकी शिक्षा में सफलता की कामना की। श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर पुष्प, प्रसाद और अक्षत अर्पित कर माता की आराधना की। पुलिस बल और स्वयंसेवक सुरक्षा के लिए तैनात श्रद्धालुओं की 30 हजार से अधिक संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही। पूरे मैहर नगर में भी इस पर्व को लेकर विशेष रौनक देखी गई। बसंत पंचमी के अवसर पर पूरा मैहर नगर भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा रहा। माता शारदा के जयघोष और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


