रायसेन जिले के स्वास्थ्य विभाग में बीते पखवाड़े से चल रही प्रशासनिक उठापटक पर विराम लग गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज (शुक्रवार) डॉ. दिनेश खत्री की दूसरी पारी महज 13 दिन में समाप्त हो गई। अब डॉ. एचएन मांडरे ही रायसेन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बने रहेंगे। दरअसल, 9 जनवरी को शासन के एक आदेश से तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. एचएन मांडरे को हटाकर डॉ. दिनेश खत्री को दोबारा जिले की कमान सौंपी गई थी। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि करीब सात महीने पहले ही डॉ. खत्री को हटाकर डॉ. मांडरे को सीएमएचओ बनाया गया था। इस अचानक हुए बदलाव से विभाग में हलचल तेज हो गई थी। गड़बड़ी पर ड्राइवर को हटा दिया था
9 जनवरी को पदभार ग्रहण करते ही डॉ. खत्री ने ताबड़तोड़ निरीक्षण शुरू कर दिए थे। उन्होंने जिला अस्पताल समेत जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी दौरान, जननी वाहन के एक ड्राइवर का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह गुटखा खरीदने के लिए 20 रुपए लेते हुए दिखा। डॉ. खत्री ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 18 घंटे के भीतर ड्राइवर को सेवा से मुक्त कर दिया था। महिला डॉक्टर से अभद्रता के लगे थे आरोप
6 अप्रैल 2024 को सीएमओ रहते हुए उन पर एक महिला डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार और लिफाफा लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वे रायसेन में करीब पांच साल (2020 से 2025 तक) पदस्थ रहे और इस दौरान कई बार आरोप-प्रत्यारोपों के कारण सुर्खियों में रहे। स्वास्थ्य विभाग में मची इस प्रशासनिक उठापटक पर हाईकोर्ट के आदेश ने विराम लगा दिया। आदेश के बाद डॉ. दिनेश खत्री को पद से हटा दिया गया और डॉ. एचएन मांडरे को ही सीएमएचओ पद पर बनाए रखने की स्थिति स्पष्ट हो गई। इसके साथ ही, जिले के स्वास्थ्य महकमे में बीते पखवाड़े से चला आ रहा असमंजस भी समाप्त हो गया है। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे सीएमएचओ कार्यालय में एक बार फिर से डॉ. एचएन मांडरे ने पदवार ग्रहण किया। इस पर कर्मचारियों के द्वारा उत्साहपूर्वक उन्हें माला पहनकर उनके घर में जोशी के साथ स्वागत किया गया। सुबह जब सीएमएचओ के द्वारा अपने कार्यालय में पहुंचकर पदभार ग्रहण किया उस समय उनके चेंबर में रखी एक अलमारी सील मिली। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई और अलमारी पर लगे कागज को फाड़ दिया।


