शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखंड में खराब फफूंदनाशक से चना और मसूर की फसल को हुए नुकसान के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई किसानों की लगातार शिकायतों और दो बार चक्काजाम के बाद की गई। इंदार पुलिस ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं कीटनाशक निरीक्षक बदरवास कल्लू कोली के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज किया। आवेदन के अनुसार, श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड की “कलिंगा” नामक फफूंदनाशक दवा (केप्टान 70% + हेक्जाकोनाजोल 5% WP) के छिड़काव के बाद चना और मसूर की फसल की पत्तियां जल गईं और कई पौधे सूख गए। कलेक्टर से भी की गई थी शिकायत
इस मामले की शिकायत 20 जनवरी 2026 को कलेक्टर जनसुनवाई में ग्राम एडवारा, कार्तीक और विजरौनी के किसानों ने की थी। शिकायत के बाद उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास, शिवपुरी ने एक जिला स्तरीय जांच दल गठित किया। जांच दल ने 21 जनवरी को मौके पर निरीक्षण किया और पाया कि संबंधित फफूंदनाशक के छिड़काव से फसल को गंभीर क्षति हुई है। जांच में कंपनी के एमपी प्रभारी जोनल मैनेजर रामवीर सिंह यादव, जिला शिवपुरी प्रभारी मनोज जैन और विक्रेता अग्रवाल कृषि केंद्र खतौरा के दुकानदार मनोज जैन पर किसानों को खराब कीटनाशक बेचकर धोखाधड़ी करने का आरोप सामने आया है। सैंपल जांच के लिए भेजे
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा फफूंदनाशक का नमूना जब्त कर पहले ही प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, अन्य किसानों की सूची, मौका पंचनामा, जांच प्रतिवेदन और जनसुनवाई के आवेदन भी प्रकरण में संलग्न किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस दवा को लेकर अन्य किसानों से भी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर इंदार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 61(2) और कीटनाशक अधिनियम 1968 की धारा 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


