एमसीबी जिले की नगर पालिका मनेंद्रगढ़ एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नगर पालिका प्रशासन पर पार्षद निधि में बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। नगर के आठ पार्षदों ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया है कि प्रति पार्षद 2 लाख 25 हजार रुपए की निधि बिना किसी जानकारी और सहमति के खर्च कर दी गई है। पार्षदों का कहना है कि न तो उनसे कोई प्रस्ताव लिया गया और न ही कार्यों की स्पष्ट जानकारी दी गई। यह राशि उनके वार्ड विकास के लिए स्वीकृत की गई थी, लेकिन नगर पालिका की ओर से मनमाने ढंग से खर्च कर दी गई। पार्षदों ने इसे नियमों का सीधा उल्लंघन और भ्रष्टाचार बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षदों ने सांसद, विधायक और जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्षदों का आरोप है कि बार-बार जानकारी मांगने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन जवाब देने से बचता रहा है। वार्ड विकास निधि की दूसरी किस्त गायब इस मामले में पार्षद अजय जायसवाल ने बताया कि सभी बाईस निर्वाचित पार्षदों के लिए नगरीय प्रशासन द्वारा 4 लाख 50 हजार रुपए की निधि दो किस्तों में दी गई थी। जब वार्ड विकास के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने जानकारी दी कि एक किस्त की राशि 2 लाख 25 हजार रुपए तो सुरक्षित है। लेकिन दूसरे किस्त की 2 लाख 25 हजार रुपए नगर पालिका के खाते में नहीं है। निधि जानकारी न मिलने से नाराज पार्षद पार्षदों ने जब इसकी जानकारी चाही, तो सीएमओ ने जानकारी देने से इनकार करते हुए भविष्य में व्यवस्था करने की बात कही। इससे नाराज पार्षदों ने आगामी 28 जनवरी को नगर पालिका के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लिया है।


