धौलपुर शहर में आज बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों में विशेष हवन पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों, विद्यालयों और घरों में धार्मिक माहौल देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों में इस पर्व को लेकर काफी उत्साह देखा गया। बच्चों ने पीले वस्त्र धारण कर पूजा में भाग लिया और विद्या, बुद्धि तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शहर के विभिन्न विद्यालयों में भी सरस्वती पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने भजन, सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी के महत्व के बारे में बताया और उन्हें अध्ययन के लिए प्रेरित किया। बसंत पंचमी को बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व का मुख्य रंग पीला है, जिसे खुशी, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के तहत लोगों ने पीले वस्त्र धारण किए और पीले रंग के प्रसाद का वितरण किया। पूरे शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण उत्सवपूर्ण माहौल बना रहा। इस पावन अवसर पर लोगों ने मां सरस्वती से ज्ञान, सफलता और सुख-समृद्धि की कामना की।


