राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से महीने के दो शनिवार को वर्किंग डे घोषित करने के निर्णय पर जोधपुर मुख्यपीठ में वकीलों और हाईकोर्ट प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया है। कल (शनिवार) के लिए कोर्ट प्रशासन द्वारा कॉज लिस्ट जारी करने के बाद वकीलों ने कड़ा विरोध जताया है। इस मुद्दे पर आगामी रणनीति तय करने के लिए आज दोपहर जोधपुर में वकीलों की एक आपात संयुक्त बैठक बुलाई गई है। इसमें सर्वसम्मति से शनिवार को स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। कॉज लिस्ट जारी होने से भड़का आक्रोश विवाद का ताजा कारण हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा कल (आगामी शनिवार) के लिए जारी की गई ‘कॉज लिस्ट’ है। वकीलों का कहना है कि उन्होंने इस निर्णय का पहले भी विरोध किया था, जिसके बाद एक कमेटी गठित की गई थी। आरोप है कि कमेटी के निर्णय या रिपोर्ट को वकीलों के साथ साझा किए बिना प्रशासन ने एकतरफा तरीके से शनिवार को कोर्ट चालू रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद जोधपुर मुख्यपीठ की दोनों वकील संगठन- राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से अपने सदस्य वकीलों के लिए सूचना जारी की। जिसमें- “शनिवार को कार्य दिवस घोषित किए जाने के विरोध स्वरूप और आगामी रणनीति तय करने के लिए दोनों एसोसिएशन की कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक 23 जनवरी दोपहर 1 बजे आयोजित होना बताया।” झालामंड बाइपास पर राजस्थान हाईकोर्ट परिसर स्थित एडवोकेट्स चैम्बर्स के तृतीय तल पर एडवोकेट्स एसोसिएशन के सभागार में एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत जोशी, महासचिव डॉ. विजय चौधरी और लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत व महासचिव डॉ. अरुण कुमार झाझड़िया की मौजूदगी में इस मुद्दे पर मंथन किया गया। क्या है पूरा मामला?


