राजसमंद के श्रीनाथजी मंदिर में बसंत पंचमी से सवा महीने का फागोत्सव शुरू हो गया है। अब 40 दिन तक दर्शन के दौरान मंदिर में गुलाल उड़ेगी। पुष्टि मार्ग की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में शुक्रवार को फागोत्सव के पहले दिन प्रभु को दो राजभोग अरोगाए गए। फागोत्सव के पहले दिन बड़ी तादाद में वैष्णवों ने ठाकुरजी के दर्शन किए। फागोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिला। जैसे ही मंदिर के पाट खुले, लाडले लाल के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। मुखियाजी द्वारा सफेद पिछवाई पर अबीर से चिड़िया के प्रतीक अंकित कर श्रीनाथजी को फाग खेलाया गया। इसके बाद दर्शनार्थियों पर भी गुलाल और अबीर छांटी गई। आज की सेवा में बसंत अधिवासन बसंत पंचमी की सेवा में बसंत अधिवासन किया गया। बसंत के कलश की स्थापना रजत कलश में जल भरकर की गई, जिसे आम्र मंजरी, सरसों के पुष्प, गेहूं की बालियां, बेर व विविध पुष्पों से सजाया गया। राजभोग की आरती के समय फूल बरसाए गए। दूसरे राजभोग में गेहूं की पाटिया के लड्डू, मठड़ी, पेड़ा-बरफी, गुंजिया, फल-फूल सहित विविध व्यंजन अरोगाए गए। साल में केवल आज के दिन श्रीनाथजी के 9 दर्शन खुलते हैं। बसंत पंचमी से शयन दर्शन भी आरंभ हो गए हैं, जो रामनवमी तक चलेंगे। फागोत्सव के दौरान प्रतिदिन गुलाल से फाग खेलाया जाएगा और रसिया गायन होगा।


