सीकर के मनीष भामू मर्डर में तीसरी गिरफ्तारी:आरोपी महिपाल को रानोली से पकड़ा,झुंझुनूं गैंगवार से है मर्डर का कनेक्शन

सीकर के मनीष भामू मर्डर मामले में तीसरी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने आरोपी महिपाल सिंह जाखड़ (41) पुत्र जगनाराम जाखड़ निवासी राधाकिशनपुरा को रानोली इलाके से पकड़ा है। बता दें कि इस मामले में पहले पुलिस कॉन्स्टेबल प्रदीप और मनोज कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अब मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। दरअसल पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि आरोपी महिपाल सीकर के रानोली इलाके में एक जगह पर आया हुआ है। ऐसे में उद्योग नगर पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल देवीलाल,महावीर और बलबीर ने वहां पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। मनीष भामू मर्डर केस: 5 पॉइंट में पूरी कहानी 1. मनीष को गाड़ी में बैठाकर लेकर गए 30 सितंबर 2025 को मनीष भामू के भाई प्यारेलाल ने उद्योग नगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। पिपराली इलाके के भामूओं की ढाणी के रहने वाले प्यारेलाल ने रिपोर्ट में बताया कि 29 सितंबर को दोपहर के समय उनके भाई मनीष कुमार को महिपाल नाम का आदमी सीकर के नवलगढ़ रोड पर बगिया होटल के पास से अपनी गाड़ी में बैठाकर रानोली लेकर गया। 2, 0056 और 5600 ग्रुप की शराब पार्टी प्यारेलाल ने रिपोर्ट में बताया- यहां पर 0056 और 5600 ग्रुप की शराब पार्टी चल रही थी। मनीष ने इस गैंग के लोगों की श्रवण के साथ जमीन के विवाद में हुई मारपीट के मुकदमे में राजीनामे के लिए अपनी 5 बीघा जमीन श्रवण को गिरवी रखी थी। ऐसे में गैंग के लोगों को यह बात खटक रही थी। 3. फॉरच्यूनर कार में जयपुर के लिए रवाना पार्टी में दोनों गैंग के कई लोग मौजूद थे, जिन्होंने मनीष से उसके भाई दिनेश को फोन करवाया और कहा कि आपकी फॉर्च्यूनर गाड़ी दो, हमें जयपुर किसी काम से जाना है। तब दिनेश ने कहा कि मेरी गाड़ी तो खिरोड़ गांव में है। ऐसे में मनीष कुमार, रविंद्र कटेवा, मनोज भींचर, मुकेश उर्फ प्रदीप दड़िया और रोहित भूलिया उसी रात 11 बजे खिरोड़ गांव गए, जहां उन्होंने स्कॉर्पियो गाड़ी छोड़ी और फॉर्च्यूनर ले ली। इसके बाद जयपुर के लिए निकल गए। रास्ते में गैंग के लोगों ने मनीष को खूब शराब पिलाई। उसे शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। 4. जयपुर में हत्या, शव सीकर में छोड़ गए जयपुर पहुंचने तक शराब पार्टी चल रही थी। प्लानिंग के तहत मनीष का मर्डर कर दिया। इसके बाद सुबह 6:30 के करीब सतपाल ने मनीष के घरवालों को सूचना दी कि मनीष की जयपुर में मौत हो गई। इसके बाद मनीष के शव को सीकर के एसके अस्पताल में छोड़कर चले गए। मर्डर केस का झुंझुनूं में हुई गैंगवार से कनेक्शन सीकर के भादवासी गांव में स्थित 24 बीघा जमीन को लेकर श्रवण और रविंद्र कटेवा के बीच विवाद चल रहा था। विवाद को लेकर रविंद्र कटेवा और उसके साथियों ने नवंबर 2024 में श्रवण के साथी सुरेश पर जानलेवा हमला करवाया था।पुलिस ने मामले में रविंद्र कटेवा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में राजीनामा करवाने के लिए मनीष ने अपनी 5 बीघा जमीन श्रवण के पास गिरवी रख दी थी। हालांकि बाद में रविंद्र कटेवा ने राजीनामा करने के लिए मना कर दिया। ऐसे में श्रवण ने 12 दिसंबर को रविंद्र कटेवा को मारने के लिए शूटर्स भेजे। रविंद्र कटेवा तो बच गया लेकिन उसका साथी सुनील और शूटर कृष्णकांत गैंगवार में मारा गया था।

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