अलवर के एक थाना इलाके में नाबालिग से गैंग रेप के मामले में विशिष्ट न्यायालय POCSO संख्या-1 ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, दोनों आरोपियों पर 35 हजार का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है. सरकारी वकील विनोद कुमार शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह केस 20 जुलाई 2024 को दर्ज किया गया था. पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत की कि उनकी नाबालिग बेटी दोपहर करीब 2 बजे घर से गायब हो गई. काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला. परिजनों को पास में रहने वाले एक व्यक्ति पर शक हुआ.जिसके बाद एक थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की और नाबालिग को भिवाड़ी से बरामद कर लिया. जांच में दो युवकों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया. पीड़िता के बयान से खुलासा हुआ कि वह घर के पीछे गाय बांधने गई थी, तभी एक चारपहिया वाहन में बैठे युवक ने उसके मुंह पर रुमाल डालकर जबरन गाड़ी में बैठाया और किडनैप कर उसे उत्तर प्रदेश ले गया. पुलिस के पीछे लगने की आशंका होने पर आरोपी उसे भिवाड़ी में एक साथी के कमरे पर ले गया. वहां दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ तीन दिन तक गैंगरेप किया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान और 40 दस्तावेज पेश किए. सभी साक्ष्यों और तथ्यों की गहन जांच के बाद न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई


