टोंक में लेपर्ड की साइटिंग के बीच शुक्रवार को एक लेपर्ड की दर्दनाक मौत हो गई। एक खेत की बाड़ के तारों की जाली में लेपर्ड(मेल) की गर्दन फंस गई, जिसके कारण उसका दम घुट गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना आज शुक्रवार को बनास नदी के पास चिरोंज जाने वाले रास्ते पर एक खेत पर सुबह 10 बजे हुई। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पंहुची और विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में पोस्टमॉर्टम के बाद मृत लेपर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। बाड़ के तार गले में फंदा बन गए थे
सहायक वन संरक्षक अनुराग महर्षि ने बताया- आज सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी कि बनास नदी के पास चिरौंज गांव जाने वाले रास्ते की ओर लेपर्ड पड़ा है। उसके गले में तार का फंदा लगा है। उसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सक को बुलाया गया। उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। बाद में उसका जिला मुख्यालय के पास दूधिया बालाजी क्षेत्र में वन चौकी में लेपर्ड का अंतिम संस्कार कर दिया। जिले में बढ़ा है लेपर्ड का मूवमेंट
टोंक जिले में पिछले कुछ महीनों में लेपर्ड का मूवमेंट बढ़ा है। वन विभाग की टीम के अनुसार- निवाई के शिवपुरी, चिरोंज, बहड़, बस्सी, टोंक जिला मुख्यालय, राजमहल, टोडारायसिंह सहित जिले के अन्य हिस्सों में लेपर्ड की संख्या में बढ़ोतरी होने के संकेत है। लेकिन अब एक नर पैंथर की मौत चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टर बोले- प्रारंभिक तौर पर दम घुटने से मौत होने की आशंका
पशु चिकित्सक डॉक्टर अशोक सैनी ने बताया- लेपर्ड की मौत प्रारंभिक तौर पर गले में फंसे तार के कारण हुई है। तार के कारण उसका दम घुट गया, जिससे उसने दम तोड़ दिया। हालांकि फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना बाकी है। लेपर्ड के ज्यादा इंजरी नहीं थी। गले में तार का फंदा था, इसलिए संभवतः दम घुटने से उसकी मौत होने की आशंका है। राजस्थान के इन जिलों में हैं लेपर्ड की मौजूदगी राजस्थान में जयपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, करौली, बूंदी, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, पाली, सिरोही, जालोर, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, टोंक और दौसा जिलों में लेपर्ड की मौजूदगी है। इनके अलावा बाड़मेर और जोधपुर में कभी-कभी अजमेर, पाली, राजसमंद, सिरोही के जंगलों से लेपर्ड का मूवमेंट होता है। …. लेपर्ड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… लेपर्ड-टाइगर मारकर, खाल और अंगों की दलाली:कीमत 5 से 10 लाख, मूंछ के बाल तक का सौदा, भास्कर के कैमरे में खूंखार शिकारी लेपर्ड हो या टाइगर, ऑर्डर मिलते ही शिकार करेंगे…ताजा खाल से लेकर दांत, नाखून उतारकर सब कुछ बेच देंगे। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही खतरनाक शिकारियों और वन्यजीवों के अंगों और खाल की तस्करी करने वाले रैकेट को कैमरे पर एक्सपोज किया। पूरी खबर पढ़िए


